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बिलासपुर: जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की शासी परिषद की बैठक संपन्न; विधायक धर्मलाल कौशिक ने विकास कार्यों की पारदर्शिता पर दिया जोर।

बिलासपुर: जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की शासी परिषद की बैठक संपन्न; विधायक धर्मलाल कौशिक ने विकास कार्यों की पारदर्शिता पर दिया जोर

बिलासपुर | जिला कार्यालय स्थित मंथन सभाकक्ष में आज जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की शासी परिषद की एक उच्च स्तरीय एवं महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से बिल्हा विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धर्मलाल कौशिक सम्मिलित हुए। बैठक की अध्यक्षता में खनिज प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया।

विकास की धुरी बनेगा DMF: श्री धर्मलाल कौशिक

बैठक को संबोधित करते हुए विधायक श्री धर्मलाल कौशिक ने स्पष्ट किया कि खनिज न्यास की राशि का व्यय केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखना चाहिए। उन्होंने कहा:

“खनिज संपदा से प्राप्त आय पर पहला अधिकार उन ग्रामीणों और प्रभावित क्षेत्रों का है, जहाँ से खनिज का दोहन होता है। इस राशि का उपयोग आमजन के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए।”

बैठक के मुख्य केंद्र बिंदु:

बैठक के दौरान पत्रकारिता और प्रशासनिक दृष्टिकोण से निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विमर्श कर सहमति बनाई गई:

पारदर्शिता एवं जवाबदेही: न्यास की राशि का उपयोग जनहित में “जीरो टॉलरेंस” नीति के साथ करने के निर्देश दिए गए, ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे और विकास कार्य समय सीमा में पूर्ण हों।

ग्रामीण उत्थान: खनिज प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष कार्ययोजना को मंजूरी दी गई।

युवा एवं महिला सशक्तिकरण: युवाओं के लिए कौशल विकास के बेहतर अवसर और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने हेतु स्व-सहायता समूहों को सशक्त करने पर जोर दिया गया।

शिक्षा और स्वास्थ्य: दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ स्वास्थ्य ढांचे के लिए विशेष बजट आवंटन पर विचार किया गया।

सकारात्मक सुझावों से विकास को मिलेगी गति

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कई रचनात्मक और सकारात्मक सुझाव साझा किए। शासी परिषद ने इन सुझावों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी।

शासी परिषद की इस सक्रियता से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में बिलासपुर जिले के खनिज प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और मानव विकास के क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।

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