जब ‘सेटिंग’ का दौर हावी है, तब निष्पक्षता की मिसाल बन उभरे अनुप चौरसिया”: पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जायसवाल।

जब ‘सेटिंग’ का दौर हावी है, तब निष्पक्षता की मिसाल बन उभरे अनुप चौरसिया”: पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जायसवाल
रतनपुर में अवैध ‘हफ्ता वसूली’ गठजोड़ के खिलाफ वरिष्ठ पत्रकार अनुप चौरसिया ने खोला मोर्चा
दबाव और धमकियों को दरकिनार कर बेनकाब किया भ्रष्टाचार; कहा— “डर और दबाव में पत्रकारिता संभव नहीं”
राज्य कांग्रेस कमेटी सदस्य नीरज जायसवाल ने की सराहना, बोले— “ऐसे ही निष्पक्ष पत्रकारों के बल पर जीवंत है लोकतंत्र का चौथा स्तंभ”

रतनपुर, बिलासपुर:
वर्तमान परिदृश्य में जहां मीडिया की विश्वसनीयता एवं कार्यप्रणाली पर विभिन्न सवाल उठते रहे हैं, वहीं बिलासपुर जिले के रतनपुर क्षेत्र से वरिष्ठ संवाददाता श्री अनुप कुमार चौरसिया की निर्भीक एवं निष्पक्ष पत्रकारिता जन-चर्चा का केंद्र बनी हुई है। श्री चौरसिया ने तथ्यपरक साक्ष्यों, पीड़ित पक्ष के बयानों एवं विधिक दस्तावेजों के आधार पर क्षेत्र में व्यापक रूप से संचालित ‘हफ्ता वसूली’ के संगठित तंत्र को उजागर किया है।
संगठित ‘हफ्ता वसूली’ के विरुद्ध संवैधानिक साहस
दीर्घकालिक समय से रतनपुर क्षेत्र के छोटे व्यापारियों, फुटपाथ विक्रेताओं एवं स्थानीय ठेकेदारों से अवैध उगाही की शिकायतें प्रकाश में आ रही थीं। जन-सामान्य में व्याप्त भय के कारण यह मुद्दा प्रशासनिक पटल पर प्रमुखता से नहीं आ पा रहा था। वरिष्ठ पत्रकार अनुप चौरसिया ने लोकतांत्रिक मूल्यों का निर्वहन करते हुए जमीनी स्तर पर पड़ताल की तथा साक्ष्यों के साथ इस गैर-कानूनी गतिविधि पर खोजी रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था से सीधे सवाल करते हुए इस अवैध उगाही तंत्र की जवाबदेही तय करने का प्रयास किया है।
दबाव एवं धमकियों के मध्य निर्भीक पत्रकारिता
भ्रष्टाचार को उजागर करने के उपरांत श्री चौरसिया को खबर का प्रकाशन रोकने हेतु विभिन्न माध्यमों से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दबाव तथा धमकियों का सामना करना पड़ा। इस संदर्भ में अपने दृढ संकल्प को दोहराते हुए श्री अनुप चौरसिया ने कहा:
”पत्रकारिता का मूल आधार भयमुक्त वातावरण और सामाजिक दायित्व है। यदि आज हम अन्याय एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध मुखर नहीं होंगे, तो आने वाली पीढ़ियां इस कुप्रथा का शिकार बनेंगी।”
लोकतांत्रिक मूल्यों और निष्पक्षता की सराहना
पत्रकारिता के इस उत्कृष्ट एवं निर्भीक कार्य की सराहना करते हुए पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी एवं सदस्य, राज्य कांग्रेस कमेटी श्री नीरज जायसवाल ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा:
”श्री अनुप चौरसिया की कार्यप्रणाली उस उच्च आदर्श का प्रतीक है जो सत्ता और प्रशासनिक तंत्र दोनों को जन-हित में उत्तरदायी बनाती है। जब व्यावसायिक हितों के कारण निष्पक्षता प्रभावित हो रही हो, तब अनुप चौरसिया जैसे पत्रकार सत्य और न्याय के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं।”
”लोकतंत्र का चौथा स्तंभ सदैव जीवंत”
श्री जायसवाल ने आगे कहा कि ऐसे निष्पक्ष पत्रकार ही लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा एवं जन-विश्वास को पुनर्स्थापित करते हैं। उन्होंने कहा:
”सत्यनिष्ठ कलम से वे ही भयभीत होते हैं जो अवैध एवं असंवैधानिक साधनों में लिप्त हैं। अनुप चौरसिया जैसे पत्रकार समाज के वास्तविक दर्पण हैं, जो बिना किसी पक्षपात के जमीनी यथार्थ को शासन-प्रशासन के समक्ष लाते हैं।”
