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आध्यात्मिक गुरु-शिष्य मिलन: श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर बेलमुंडी धाम पहुँचकर वरिष्ठ पत्रकार पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ ने लिया पूज्य ‘शर्किट पुरी बाबा’ का आशीर्वाद।

आध्यात्मिक गुरु-शिष्य मिलन: श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर बेलमुंडी धाम पहुँचकर वरिष्ठ पत्रकार पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ ने लिया पूज्य ‘शर्किट पुरी बाबा’ का आशीर्वाद
​बेलमुंडी धाम के पौराणिक बेल बगीचे में प्रकृति का अद्भुत कौतुक, प्रकट हुआ 1 से 31 पत्तियों वाला अलौकिक ‘महा-बेल’।

​देश की सुख-समृद्धि और सनातन संस्कृति के वैश्विक प्रचार-प्रसार पर गुरु-सान्निध्य में हुआ विशेष वैचारिक विमर्श
​श्री पंचमुखी आश्रम में संवैधानिक व सामाजिक मर्यादा के साथ दिव्य यज्ञ, नवधा रामायण और भंडारे का निरंतर आयोजन
​बिलासपुर। सनातन धर्म की पावन और समृद्ध परंपरा में गुरु-शिष्य का संबंध सदैव से ही सर्वोच्च और वंदनीय रहा है। इसी दिव्य और गौरवमयी परंपरा का एक अनुपम स्वरूप बिलासपुर के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर बेलमुंडी धाम में देखने को मिला। क्षेत्र के प्रख्यात धार्मिक विमर्शकार, वरिष्ठ पत्रकार एवं पूज्य बाबा जी के अनन्य कृपा-पात्र शिष्य पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ ने विशेष रूप से बेलमुंडी धाम पहुँचकर आश्रम के संस्थापक संरक्षक, परम पूज्य चाणक्य चैतन्य पुरी उर्फ ‘शर्किट पुरी बाबा’ के चरणों में शीश नवाया और उनका आत्मीय आशीर्वाद ग्रहण किया।
​गुरु-सान्निध्य में देश-कल्याण और सनातन धर्म पर विशेष विमर्श
​इस पावन भेंट के दौरान पूज्य शर्किट पुरी बाबा जी ने अपने प्रिय शिष्य पंडित श्रवण दुबे को लोक-कल्याण के मार्ग पर निरंतर निष्ठापूर्वक अग्रसर रहने का दिव्य आशीर्वाद और संदेश दिया। इस अवसर पर देश की सुख-समृद्धि, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के वैश्विक उत्थान को लेकर गुरु-शिष्य के मध्य अत्यंत गंभीर व वैचारिक विमर्श हुआ। गुरुदेव के जाग्रत सान्निध्य में पहुँचकर पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ ने भावविभोर होकर समाज के कल्याण हेतु मंगल कामना की।

​धाम में साक्षात महादेव की अनुकंपा: अलौकिक ‘महा-बेल’ का प्राकट्य
​यह गुरु-शिष्य मिलन ऐसे समय पर हुआ है जब पूरा बेलमुंडी धाम महादेव की एक विशेष और विस्मयकारी अनुकंपा का साक्षी बना हुआ है। यहाँ स्थित पौराणिक बेल बगीचे के आंचल से एक ऐसी विलक्षण और दिव्य ‘महा-बेल’ की संरचना सामने आई है, जिसमें 1 से लेकर 31 पत्तियां तक स्पष्ट रूप से समाहित हैं।
​धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महादेव को 108 सामान्य बेलपत्र चढ़ाने से जो पुण्य लाभ मिलता है, वह इस जाग्रत ‘महा-बेल’ का मात्र एक पत्ता श्रद्धापूर्वक अर्पित करने से स्वतः प्राप्त हो जाता है। वनस्पति वैज्ञानिकों से लेकर आम जनमानस तक, हर कोई इस ईश्वरीय कौतुक को देखकर विस्मित और नतमस्तक है।
​संतों की प्रामाणिक वाणी
​शिष्य की उपस्थिति में पूज्य शर्किट पुरी बाबा जी ने इस अलौकिक घटना पर अपनी आध्यात्मिक वाणी देते हुए कहा:
​”यह कोई साधारण वनस्पति नहीं, बल्कि स्वयं महादेव का इस पावन धरा पर सूक्ष्म रूप में अनुग्रह है। बिलासपुर की यह पावन भूमि अब जन-कल्याण और सनातन के वैश्विक उत्थान का मुख्य केंद्र बनेगी।”

​संवैधानिक मर्यादा के साथ निरंतर सामाजिक व सांस्कृतिक अनुष्ठान
​श्री पंचमुखी आश्रम बेलमुंडी धाम विगत कई वर्षों से अपनी दिव्य धरोहर को सँजोए हुए है। आश्रम प्रबंधन के तत्वावधान में यहाँ पूर्णतः संवैधानिक नियमों, सामाजिक समरसता और धार्मिक मर्यादा के अनुकूल भांति-भांति के वृहद आयोजन होते आ रहे हैं। परिसर में लगातार भव्य यज्ञ, आदर्श विवाह, नवधा रामायण तथा अखंड रामायण जैसे सामाजिक-धार्मिक अनुष्ठान निर्विघ्न रूप से संपन्न होते हैं, जो समाज को एक नई और सकारात्मक दिशा दे रहे हैं।
​भक्तों की आस्था के प्रमुख केंद्र व विशाल भंडारा
​इस विशाल और जाग्रत परिसर में भक्तों की अगाध आस्था के केंद्र स्थापित हैं:
​भव्य श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर व बाल स्वरूप: जहाँ हनुमान जी का जाग्रत विग्रह भक्तों के सभी कष्टों को हरता है।
​श्री सिद्ध शनिदेव मंदिर: न्यायप्रिय देव की असीम अनुकंपा का मुख्य स्थान।
​दिव्य यज्ञशाला व पावन सरोवर: जहाँ की आहुतियाँ और प्राकृतिक वातावरण पूरे क्षेत्र को साक्षात ‘देव-स्थान’ का जीवंत रूप प्रदान करता है।
​विशाल भंडारा प्रसादी: आश्रम की पावन परंपरा के अनुसार प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को यहाँ आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारा प्रसादी का भव्य आयोजन किया जाता है।
​वर्तमान में इस चमत्कारिक महा-बेल के दर्शन और गुरुदेव के आशीर्वाद हेतु बिलासपुर सहित दूर-दराज के जिलों से श्रद्धालुओं का भारी तांता लगा हुआ है। भक्तों की सुलभ व्यवस्था, भोजन और ठहरने के लिए श्री पंचमुखी आश्रम प्रबंधन समिति द्वारा निरंतर उत्कृष्ट व दिव्य प्रबंध किए जा रहे हैं।

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