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बिलासपुर में ‘तीसरी आंख’ का पहरा: अब चौराहे पर सुधरेगी ‘चाल-ढाल’, नियम तोड़ा तो सीधे घर पहुंचेगा चालान!

बिलासपुर में ‘तीसरी आंख’ का पहरा: अब चौराहे पर सुधरेगी ‘चाल-ढाल’, नियम तोड़ा तो सीधे घर पहुंचेगा चालान!
​💥 SSP रजनेश सिंह का अल्टीमेटम— ‘न सिफारिश चलेगी, न बहानेबाजी’; सीने पर कैमरे टांगकर सड़कों पर उतरेंगे हाई-टेक जवान

अगर आप बिलासपुर की सड़कों पर बिना हेलमेट, ट्रिपलिंग या ‘स्टाइल’ में रेड लाइट जंप करने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! बिलासपुर पुलिस अब ‘सिंघम’ अवतार में आ चुकी है, वो भी पूरी तरह डिजिटल हथियारों से लैस होकर। अब सड़कों पर न तो आपकी कोई सिफारिश चलेगी और न ही ‘पहचान’ काम आएगी। नियम तोड़ा, तो सीधे मोबाइल पर मैसेज आएगा—”आपका चालान कट गया है!”
​शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और यमदूत बनी तेज रफ्तार गाड़ियों पर नकेल कसने के लिए SSP रजनेश सिंह (IPS) और एडिशनल एसपी राम गोपाल करियारे ने पुलिस महकमे की ऐसी क्लास ली है, जिसकी गूंज पूरे शहर में सुनाई देने लगी है। पुलिस ने अब ITMS, बॉडी वॉर्न कैमरा और नेक्स्ट-जेन एम-परिवहन जैसे चार बड़े डिजिटल ‘ब्रह्मास्त्र’ मैदान में उतार दिए हैं।
​📸 सीने पर सजेगा कैमरा: न पुलिस की गुंडागर्दी चलेगी, न जनता की हेकड़ी!
​अक्सर सड़कों पर चेकिंग के दौरान पुलिस और जनता के बीच “तू-तू, मैं-मैं” और झूठे आरोपों का तमाशा देखने को मिलता था। लेकिन अब बिलासपुर पुलिस के जवान सीने पर ‘बॉडी वॉर्न कैमरा’ टांगकर खड़े होंगे।
​पारदर्शिता 100%: पुलिसकर्मी और आपके बीच की एक-एक सेकंड की बातचीत, गाली-गलौज या बदतमीजी इस कैमरे में लाइव रिकॉर्ड होगी।
​अब न तो कोई रसूखदार पुलिस को डरा पाएगा और न ही कोई पुलिसकर्मी अपनी सीमा लांघ सकेगा।
​🧠 ‘सुपर कंप्यूटर’ से भी तेज काम करेगा ITMS और Next Gen App
​अब तक लोग पुलिस को देखकर रास्ता बदल लेते थे, लेकिन अब चौराहों पर लगे ITMS के स्मार्ट कैमरे बिना पुलिस के ही आपका चालान काट देंगे। इसके साथ ही जवानों को ‘Next Gen M-Parivahan’ ऐप की ट्रेनिंग दी गई है। गाड़ी का नंबर डालते ही सॉफ्टवेयर पलक झपकते ही बता देगा कि गाड़ी चोरी की है, बीमा फेल है या इस पर पहले के कितने चालान बकाया हैं।
​⚡ “चालान काटना शौक नहीं, आपकी जान बचाना फर्ज है” — SSP रजनेश सिंह
​बैठक में कड़े और तीखे तेवर दिखाते हुए कप्तान रजनेश सिंह ने मातहतों को दो टूक कह दिया कि तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ चालान का टारगेट पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि सड़कों को सुरक्षित करने के लिए होना चाहिए।
​”हमें बिलासपुर की सड़कों को हादसों से मुक्त करना है। जो नियम तोड़ेगा, उसे भुगतना पड़ेगा। तकनीक के आने से अब किसी भी स्तर पर पैरवी या भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। जनता का सहयोग सर्वोपरि है, लेकिन कानून से ऊपर कोई नहीं।”
— रजनेश सिंह, SSP (IPS), बिलासपुर
​📊 बिलासपुर पुलिस का ‘मिशन डिजिटल’: क्या और कैसे बदलेगा?

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