भोजपुरी समाज बिलासपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश होली मिलन समारोह के सादर नेवता पर पहुंचे पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल व विधायक सुशांत शुक्ला
भोजपुरी समाज बिलासपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश होली मिलन समारोह के सादर नेवता पर पहुंचे पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल प्रवीण झा,व विधायक सुशांत शुक्ला

वरिष्ठ पत्रकार व भोजपुरी समाज के प्रवक्ता ,जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस बोदरी तहसील अंतर्गत पं श्रवण दुबे समुद्र शास्त्री ने स्वस्तिवाचन के साथ अतिथि का किया सत्कार
स्नेह, मीतभाव आ प्रेम के महापर्व होली अउर पावन चइत महीना के शुभ अवसर पर आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में रउआ सभे के सपरिवार सादर नेवता बा।
बिलासपुर छत्तीसगढ़ होली मिलन समारोह के अंतर्गत भोजपुरी समाज के लोगों ने आज होली मिलन समारोह मनाया। स्थान: राजेन्द्र प्रसाद भोजपुरी भवन, इमलीपारा, बिलासपुर
दिनांक: 22 मार्च 2026 (रविवार)
समय: दुपहरिया 2:00 बजे से राति 8:30 बजे तक
मुख्य अतिथि:
माननीय श्री अमर अग्रवाल जी (पूर्व मंत्री आ नगर विधायक, बिलासपुर)
विशिष्ट अतिथि:
माननीय श्री सुशांत शुक्ला जी (विधायक, बेलतरा)
विशेष आकर्षण:
भोजपुरी के मशहूर गायक मंटू गिरी जी (आरा ) अपना पूरा टीम के साथ होली आ चैता के सुरीला प्रस्तुति देइहें।
विशेष व्यवस्था:
कार्यक्रम के समापन के बाद राति भोज के व्यवस्था भी कइल गइल बा।
आइं, हमनी सभे मिलके भाईचारा, स्नेह आ प्रेम के एह पावन पर्व के खुशी-खुशी मनाईं।
रउआ सभे के उपस्थिति से समारोह के शोभा बढ़ी।
अंत में सादर नेवता:
विजय ओझा
अध्यक्ष, भोजपुरी समाज, ने दिया यह जानकारी देते हुए भोजपुरी समाज के प्रवक्ता पंडित श्रवण दुबे समुद्र शास्त्री ने कार्यक्रम को सफल बनाने का आवाहन किया।
*रामराज्य की संकल्पना और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता*
गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में जिस रामराज्य का चित्रण किया है, वह केवल एक आदर्श शासन प्रणाली नहीं बल्कि मानव जीवन के सर्वोत्तम मूल्यों का समन्वय है। यह संकल्पना आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।
“दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम राज नहिं काहुहि व्यापा॥”
इस चौपाई में तुलसीदास जी बताते हैं कि रामराज्य में किसी भी प्रकार के शारीरिक, दैविक या भौतिक कष्ट नहीं होते। वर्तमान समय में इसका अर्थ है कि शासन ऐसी व्यवस्था बनाए जहाँ नागरिकों को स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता प्राप्त हो।
“सब नर करहिं परस्पर प्रीति। चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति॥”
इस चौपाई में समाज के पारस्परिक प्रेम और कर्तव्यनिष्ठ जीवन का वर्णन है। आज के समय में इसका तात्पर्य सामाजिक सद्भाव, आपसी सहयोग और नैतिक आचरण से है। जाति, वर्ग और क्षेत्रीय भेदभाव को समाप्त कर समाज में भाईचारा स्थापित करना ही इस विचार का वास्तविक अनुप्रयोग है।
“नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना। नहिं कोउ अबुध न लच्छन हीना॥”
यहाँ एक ऐसे समाज की कल्पना की गई है जहाँ न कोई गरीब है, न ही कोई दुखी या अज्ञानी। वर्तमान संदर्भ में यह शिक्षा, रोजगार और समान अवसरों की उपलब्धता से जुड़ा हुआ है।
“सब निर्दोष धर्मरत पुनी। नर अरु नारि चतुर सब गुनी॥”
इस चौपाई में बताया गया है कि सभी लोग धर्मपरायण, गुणवान और सज्जन होते हैं। आज के समय में यह नैतिकता, ईमानदारी और चरित्र निर्माण के महत्व को दर्शाता है। परिवार और शिक्षा प्रणाली में संस्कारों का समावेश इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रामराज्य की संकल्पना केवल शासन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और व्यक्ति दोनों के आचरण पर आधारित है।
अतः आवश्यक है कि हम इन चौपाइयों को केवल धार्मिक पाठ के रूप में न देखकर, उनके विचारों को अपने जीवन और समाज में उतारें। यही तुलसीदास जी के रामराज्य की सच्ची स्थापना होगा।
वर्तमान परिवेश में एक ही लोग हैं जो कि मौजूदा सरकार को रास नहीं है।सोचिए मत ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज उठाइए। जब सारी आवाजें एक हो जाएगी तो आवाज ताकतवर होगी जिससे इस तरह के लोग समाज से बॉयकॉट है। आइए मिलकर अपने बच्चों के लिए एक बेहतर समाज का निर्माण करते हैं, ऐसे लोगों का विरोध करते हैं।
होली मिलन समारोह के बाद सभी पत्रकारों ने होली मिलन समारोह भोजपुरी समाज में आकर भोजपुरी समाज के संरक्षक लव ओझा, अध्यक्ष विजय ओझा प्रवक्ता वरिष्ठ पत्रकार आर जे रमझाझर पंडित श्रवण दुबे समुद्र शास्त्री, ने सर्वजन आम जनमानस का स्वागत किया।

