अहिल्यादेवी होलकर कल्याण सेवा समिति नए समुद्र शास्त्री को किया सम्मान

अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र निर्माण सेना संरक्षक पंडित श्रवण दुबे समुद्रशास्त्री वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ आर जे रमझाझर छत्तीसगढ़ मीडिया क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु
लक्ष्मण पाल अध्यक्ष अहिल्यादेवी होलकर कल्याण सेवा समिति नए समुद्र शास्त्री को किया सम्मान

 

बड़े भाई डॉक्टर दौलतपाल को अपनी सेवा कार्य में एक वर्ष सफल होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं उनके उज्जवल भविष्य के कामना करते हुए उनका अनुज

जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस बोदरी तहसील इकाई के माध्यम से पंडित श्रवण दुबे समुद्रशास्त्री वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ आर जे रमझाझर द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था

जिसमें संयुक्त रूप से छत्तीस गढ़ संस्था की संस्थापिका के साथ सदस्य विनीता के अच्छे कार्यों को देखते हुए उन्हें 11 सूत्री कार्यक्रम संस्था के द्वारा रोजगार की व्यवस्था कराई गई।
संस्था के सेंटर हेड ने बताया कि संस्था के 11 सूत्री कार्यक्रम के द्वारा आम जनमानस कोरोना के बाद हुई विपत्ति से काफी राहत में हो चुकी है और रोजगार से लेकर सामाजिक न्याय से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक सारे कार्य सुचारू रूप से चलने के लिए प्रतिबंध हेतु प्रश्न काल विशेष रिपोर्ट के आधार पर स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण सेंटर प्लेसमेंट सेंटर खुलवाए जाने का पदाधिकारी एवं सदस्यों को आश्वासन पहले ही मिल चुका है जिसके माध्यम से,जल्दी मुख्य संवैधानिक रूप से समस्याएं द चली जाएगी शासन के द्
11, सूत्रीय कार्य क्रम के द्वारा धार्मिक आयोजन हेतु आयोजन पर सामूहिक संस्थाओं द्वारा नवनिर्मित सदस्यों पदाधिकारियों को ऑन जॉब ट्रेनिंग संविधान संस्थान द्वारा संचालित विश्व महालक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा मीडिया हाउस में सम्पन्न हुआ ।

, इसी क्रम में बौद्धिक यौगिक संस्था में शामिल पंडित श्रवण दुबे समुद्र शास्त्री वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ आर जे रमझाझर छत्तीसगढ़ मीडिया हाउस, पंडित श्रवण दुबे समुद्रशास्त्री ने _*।। श्रीरामचरितमानस – विचार ।।*_

सत्य कहहिं कबि नारि सुभाऊ।
सब बिधि अगहु अगाध दुराऊ।।
निज प्रतिबिंबु बरुकु गहि जाई।
जानि न जाइ नारि गति भाई।।
( अयोध्याकाण्ड 46/4 )

कैकेइ ने राजा से दो वरदान माँग लिए हैं। राम जी कौसल्या माँ से अनुमति लेने गये हैं। पूरे अयोध्या में बात फैल गई है, सब कैकेई को बुरा कह रहें हैं। लोग कह रहें हैं कि स्त्री का स्वभाव अथाह व पकड़ के बाहर है। अपनी परछाहीं भले ही पकड़ में आ जाए पर भाइयों ! स्त्रियों की गति समझ से परे है।

मित्रों! दुश्मन का स्वभाव अथाह और अगम है। सब प्रकार से उसे पकड़ना असंभव है, उसका छिपाव बहुत गहरा है। इसलिए अपना मन व मस्तिष्क राम जी की गति समझने में लगाएँ, जिसे राम जी के स्वभाव का पता चल गया उसके लिए सब अनुकूल हो जाते है। कोई अगम व अगाध नहीं रहता है, सब सुगम व सरल हो जाते हैं।
अतः श्री मंदिर परिसर में भगवान शिव
मंच के वरिष्ठ पत्रकार पंडित श्रवण दुबे समुद्रशास्त्री वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ आर जे रमझाझर छत्तीसगढ़ मीडिया हाउस द्वारा बड़ी संख्या में विप्र जन शामिल रहे

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