केन्द्रीय राज्यमंत्री सह बिलासपुर सांसद तोखन साहू के प्रयासों से बिलासपुर को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

 

*बर्ड वॉक एवं संगोष्ठी के साथ कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने का उत्सव*

*केन्द्रीय राज्यमंत्री सह बिलासपुर सांसद तोखन साहू के प्रयासों से बिलासपुर को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान*

बिलासपुर |
बिलासपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। वन चेतना केन्द्र, सकरी में आयोजित बर्ड वॉक एवं संगोष्ठी के माध्यम से कोपरा जलाशय के रामसर स्थल घोषित होने की उपलब्धि को जनभागीदारी के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि सांसद श्री तोखन साहू के सतत और प्रभावी प्रयासों के कारण संभव हो सकी है।

उल्लेखनीय है कि 12 दिसंबर 2025 को कोपरा जलाशय को रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि घोषित किया गया। लगभग 210 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह जलाशय छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल बना है, जिसे वैश्विक स्तर पर रामसर साइट संख्या 2583 के रूप में पंजीकृत किया गया है।

आज वन चेतना केन्द्र, सकरी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री तोखन साहू ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान जनसंपर्क के समय ही उन्हें कोपरा जलाशय की अद्वितीय जैव-विविधता और अंतरराष्ट्रीय महत्व का अनुभव हुआ था। उसी समय उन्होंने यह संकल्प लिया कि इस प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित कर वैश्विक पहचान दिलाई जाएगी। जनता के आशीर्वाद से सांसद बनने के बाद उन्होंने इस दिशा में निरंतर प्रयास किए, जिनका प्रतिफल आज पूरे छत्तीसगढ़ को मिला है।

उन्होंने बताया कि कोपरा जलाशय को रामसर स्थल का दर्जा दिलाने हेतु उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री माननीय श्री भूपेंद्र यादव जी से कई बार मुलाकात कर इस विषय को प्राथमिकता से रखा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “अमृत धरोहर” विज़न, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप जी के सहयोग से यह प्रयास सफल हो सका।

सांसद श्री साहू ने इस उपलब्धि के लिए राज्य वेटलैंड प्राधिकरण, वन विभाग, पर्यावरण विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं एवं स्थानीय समुदाय के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि कोपरा जलाशय केवल जल संग्रहण का स्रोत नहीं, बल्कि जैव-विविधता का जीवंत केंद्र है। यहाँ पाए जाने वाले प्रवासी पक्षी पर्यावरण संतुलन के प्रहरी हैं, जो कीट नियंत्रण, बीज प्रसार और प्राकृतिक शुद्धिकरण में अहम भूमिका निभाते हैं। वेटलैंड्स को धरती के गुर्दे कहा जाता है, जो जल शुद्धिकरण, भूजल संरक्षण और जलवायु अनुकूलन में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

बर्ड वॉक एवं संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रकृति से जुड़ने का माध्यम है। बर्ड वॉक के जरिए नागरिक प्रवासी पक्षियों के निकट जाकर प्रकृति को समझेंगे, वहीं संगोष्ठी के माध्यम से कोपरा जलाशय के संरक्षण एवं सतत विकास का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाएगा।

रामसर स्थल बनने से कोपरा–बिलासपुर क्षेत्र में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को गाइड, टैक्सी एवं होम-स्टे जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही जल संरक्षण से आसपास के गांवों का जलस्तर बेहतर रहेगा, किसानों के कुएँ और बोर सुरक्षित रहेंगे तथा क्षेत्र का पर्यावरण और जनस्वास्थ्य सुदृढ़ होगा।

अंत में सांसद श्री तोखन साहू ने नागरिकों से कोपरा जलाशय को प्लास्टिक मुक्त रखने और प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने वन विभाग को वन चेतना केन्द्र, सकरी में इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए सभी से बर्ड वॉक में सहभागी बनने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सुर्यवंशी,महापौर श्रीमती पुजा विधानी सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री रजनीश सिंह , भाजपा प्रदेश मंत्री श्रीमती हर्षिता पाण्डेय सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी इत्यादि उपस्थित थे।

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