छत्तीसगढ़ बिलासपुर अंतर्गत ग्राम में श्रीरामचरित मानस अखंड नवधा रामायण आयोजन किया गया।

छत्तीसगढ़ बिलासपुर अंतर्गत ग्राम में श्रीरामचरित मानस अखंड नवधा रामायण आयोजन किया गया।

भारी अवस्थाओं और गंदगी के बावजूद भी राम नाम की कथा का दिव्य प्रचंड बेल के साथ कथा का श्रद्धालु ने किया रसपान। जबकि जल्द रोकथाम न करने से हैजा जैसी महामारी फैलने की है खतरा

श्री शर्किट पूरी बेलमुंडी धाम के कृपा पात्र शिष्य पंडित श्रवण दुबे समुद्र शास्त्री, वरिष्ठ पत्रकार ,अमर स्तंभ ,आर जे रमझाझर छत्तीसगढ़ मीडिया हाउस द्वारा, भव्य दिव्य प्रचंड बेला में भारी संख्या में ग्रामवासी,संत समाज समागम के साथ ग्रामवासी, सामाजिक संस्थाओं द्वारा सम्मिलित होकर का समुद्र शास्त्री द्वारा अखंड नवधा द्वारा व्रत पर चर्चा हुआ जिसमें *जीत सभी को चाहिये। सभी अपने जीवन में युद्ध लड़ते हैं।*

दो पक्षों में एक जीतता है दूसरा हारता है। जो ईश्वर समर्पित बुद्धि से युद्ध लड़ता है वह जीतता है।

अतः गीता कहती है- *माम् अनुस्मर युध्य च।* विराट रूप दिखाने के बाद भगवान श्रीकृष्ण युद्ध से पहले ही अर्जुन को विश्वास दिलाते हैं- *युध्यस्व जेताsसि रणे सपत्नान्।*
लड़ो ! जीत तुम्हारी ही होगी।

*मयैवैता निहता पूर्वमेव निमित्तमात्रं भव सव्यसाचिन्।* हमें निमित्त बनना सीखना होगा। ईश्वरीय आदेश को समझने की परख बढ़ानी होगी।

अधर्मी और अन्यायी कभी ईश्वर अर्पित चेतना वाला नहीं हो सकता। जिसे अपने अन्याय की शक्ति पर ही दृढ़ विश्वास होता है वही अन्याय करता है।

जब हम सात्विक मन से अन्याय के विरुद्ध लड़ते हैं तब हमारी जीत होती है। हमें सत्व प्रधान लड़ाई लड़नी ही चाहिए। ईश्वर का दिया वचन कभी विफल नहीं होता।

गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है – तुम्हारा सात्विक आरम्भ कभी नष्ट नहीं होगा। इसमें यदि प्रत्यक्ष हानि भी दिखे तो भी समझ लो धर्म के लिए तुम्हारा किया युद्धारम्भ आगे सफल होगा ही।

यह आरम्भ अनश्वर होता है। रोग नाश के लिए दी गयी दवा रोग को बढ़ा सकती है पर धर्म के निमित्त किया गया तुम्हारा प्रयास कभी नष्ट नहीं होगा और इसमें विपरीत फल भी नहीं होता है। यह हमेशा समुचित फल ही देता है। गीता २/४०।।

छत्तीसगढ़ के गांवों में नवधा रामायण जैसे आयोजन नई पीढ़ी को संस्कार, संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी के आदर्श हमारे जीवन को दिशा और सार्थकता प्रदान करता है।
विशेष रूप से भारी विवादों पर विराम चिन्ह लगाते हुए अखंड नवधा रामायण आयोजन की शुरुआत श्री पंचमुखी हनुमान बेलमुंडी धाम श्री सर्किट पुरी बाबा के तत्वाधान में स्वागत कार्यक्रम के तहत संयुक्त कार्यक्रम द्वारा संवैधानिक रूप से धूम धाम के अंतर्गत वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ आर जे रमझाझर छत्तीसगढ़ मीडिया हाउस जनकल्याण पुनर्वास केंद्र के माध्यम से ज्योति कुलदीप , भवानी, सीमा, ममता, ईशा, आरती द्वारा पंडित श्रवण दुबे समुद्रशास्त्री ने इस मौके पर सभी को बधाई देते हुए पावन कार्य के लिए श्री पंचमुखी धाम सर्किट पुरी बाबा का अभिनंदन करते हुए बहुत-बहुत धन्यवाद किया,
जो कि विश्व मानव परमार्थ ट्रस्ट के माध्यम से वर्षों में 100 यज्ञ विश्व मानव परमार्थ ट्रस्ट के सहयोग के द्वारा दिव्यांग व्यक्ति को नंदन वंदन अभिनंदन किया।

इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय संरक्षक होमानंद सरस्वती राष्ट्रीय संरक्षक कैलाश राजपूत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र सागर ने बेलमुंडी धाम के मुख्य महंत श्री सर्किटपुरी , समूद शास्त्री को साधुवाद आशीर्वाद दिया

अन्य खबरें