मुंगेली: मनीषा लहरे संदिग्ध मौत मामले में बड़ा मोड़, 6 महीने बाद कब्र से निकाला गया शव; मेडिकल कॉलेज भेजा गया
मुंगेली। मुंगेली सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम संगवाकापा में करीब छह माह पूर्व हुई 26 वर्षीया मनीषा लहरे की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के मामले में अब प्रशासनिक और कानूनी जांच तेज हो गई है। मायके पक्ष द्वारा जताई गई गंभीर शंकाओं और निष्पक्ष जांच की मांग के बाद प्रशासनिक अनुमति मिलने पर मृतका के शव को कब्र से बाहर (Exhumation) निकाला गया।

पति पर गलत इंजेक्शन देकर हत्या करने का आरोप
मामले में मृतका की बहन ट्विंकल देवांगन ने पुलिस अधीक्षक (SP) और आईजी (IG) को शिकायती आवेदन सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि मृतका के पति ने कथित तौर पर गलत इंजेक्शन देकर इस वारदात को अंजाम दिया है।

उल्लेखनीय है कि 26–27 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात मनीषा को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। उस समय सामान्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या (हार्ट अटैक) मानते हुए परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गहराया संदेह
अंतिम संस्कार के कुछ समय बाद परिजनों को कुछ संदेहास्पद डिजिटल साक्ष्य, पूर्व के विवादों से जुड़े तथ्य और मोबाइल रिकॉर्डिंग्स मिले। इसके अलावा घटना के समय डायल 112 पर की गई कॉल के आधार पर मायके पक्ष की आशंका गहरा गई, जिसके बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत कर तकनीकी और निष्पक्ष जांच की मांग की।
तहसीलदार और पुलिस बल की मौजूदगी में हुई प्रक्रिया
नायब तहसीलदार (कार्यपालक दंडाधिकारी) एवं थाना प्रभारी की उपस्थिति में पूरे विधि-विधान, वीडियोग्राफी और पंचनामा की कार्रवाई पूरी करते हुए शव को निकाला गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और मृतका का पति भी मौके पर मौजूद रहा।
सिम्स बिलासपुर भेजी गई देह, पीएम रिपोर्ट पर टिकी नजरें
शव को उत्खनन के बाद तुरंत बिलासपुर मेडिकल कॉलेज (CIMS) भेजा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इतने समय बाद हो रहे पोस्टमार्टम में वास्तविक और वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने के लिए हिस्टोपैथोलॉजिकल (Histopathological) और विसरा जांच की जाएगी।
पुलिस का बयान
पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच निष्पक्ष और कानूनसम्मत तरीके से की जा रही है। परिजनों द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों और रिकॉर्डिंग्स की बारीकी से पड़ताल जारी है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
