साय सरकार के 19 ऐतिहासिक फैसले: 27 लाख किसानों को सौगात, कर्मचारियों को मिली कैशलेस इलाज की सुविधा – दक्ष वैद्य साहू
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश सहप्रभारी एवं हिन्द सेना युवा ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्ष वैद्य साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कैबिनेट द्वारा लिए गए 19 ऐतिहासिक निर्णयों का स्वागत किया है। उन्होंने इन जनहितैषी फैसलों के लिए मुख्यमंत्री और समस्त मंत्रिमंडल का आभार जताते हुए कहा कि साय सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह सरकार गरीब, किसान, जवान और कर्मचारियों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है।

दक्ष वैद्य साहू ने बताया कि राज्य सरकार ने खरीफ वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी का बड़ा निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के 27 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा कृषक उन्नति योजना के तहत आदान सहायता को प्रति एकड़ देने के प्रावधान से फसल विविधीकरण को नया बढ़ावा मिलेगा। वहीं, एम-ऊर्जा योजना की राहत अवधि को मार्च 2027 तक बढ़ाकर सरकार ने 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को निरंतर राहत प्रदान की है।
शासकीय कर्मचारियों के हित में लिए गए फैसलों की सराहना करते हुए श्री साहू ने कहा कि कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से अब गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान उन्हें किसी भी तरह के आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।
प्रदेश के चौतरफा विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 500 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, पर्यटन को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए 500 करोड़ रुपये का पर्यटन विकास मिशन और खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए 100 करोड़ रुपये का खेल उत्कर्ष मिशन सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। इसके साथ ही बस्तर से सरगुजा तक कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली 8000 करोड़ रुपये की कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल परियोजना, सड़क निर्माण ठेकेदारों को डामर दरों में राहत, राजनांदगांव में 400 करोड़ की मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी, औद्योगिक विकास के लिए कोल गैसीफिकेशन को प्रोत्साहन, नगर पंचायत कूंरा का नाम कुंवरगढ़ करने और जनहित से जुड़े 9 राजनीतिक प्रकरण वापस लेने जैसे निर्णय ऐतिहासिक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ लगातार सुशासन और विकास के स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है।
