पेंड्री गांव में राइस मिल के पास मिला युवक का संदिग्ध शव, पैर बंधे और गले पर निशान होने से हत्या की आशंका, पुलिस जांच में जुटी

सरगांव/पेंड्री। छत्तीसगढ़ के सरगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पेंड्री (स) में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 32 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है। युवक की पहचान पेंड्री निवासी तुलसी साहू के रूप में हुई है, जो छेदू राम साहू का पुत्र था। उसका शव गांव के मुख्य मार्ग के किनारे स्थित एक राइस मिल के पास, खेत में गंदे पानी से भरी जगह पर पड़ा मिला। शव की स्थिति को देखकर इलाके में हत्या की तीव्र आशंका जताई जा रही है और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

घटनाक्रम के अनुसार, तुलसी साहू बीती शाम लगभग 7 बजे अपने घर से सरगांव स्थित अपने जीजा के घर जाने के लिए निकला था। जब वह रातभर वापस नहीं लौटा, तो चिंतित परिजनों ने सरगांव थाने पहुंचकर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट दर्ज होने के महज एक से दो घंटे के भीतर ही पुलिस को राइस मिल के पास खेत में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली, जिसकी शिनाख्त बाद में तुलसी साहू के रूप में की गई। इस दुखद खबर से परिजनों में कोहराम मच गया है और गांव में मातम पसरा हुआ है।

मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सरगांव पुलिस के साथ-साथ डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। प्रारंभिक जांच के दौरान मृतक के पैरों में तार बंधा हुआ मिला और उसके गले पर भी चोट या घसीटे जाने के निशान पाए गए हैं। इन संदिग्ध हालातों के कारण पुलिस इसे हत्या के कोण से देख रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सरगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है।

इस पूरे मामले में कई ऐसे पेचीदा सवाल खड़े हो गए हैं जिन्होंने रहस्य को और गहरा कर दिया है। मृतक की मोटरसाइकिल घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर गणपति राइस मिल के पास लावारिस हालत में मिली है, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि वारदात को कहीं और अंजाम देकर शव को यहाँ लाकर फेंका गया होगा। इसके अलावा, घटनास्थल के पास स्थित श्रद्धा राइस मिल के सीसीटीवी कैमरों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। बताया जा रहा है कि कैमरों के चालू होने के बावजूद पिछले तीन महीनों से उनमें मेमोरी कार्ड ही नहीं था, जिसके चलते कोई फुटेज रिकॉर्ड नहीं हो सकी। वहीं ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि घटना के ठीक बाद मिल संचालक ने वहां लगे दो कैमरों को हटवा दिया। फिलहाल पुलिस ने सीसीटीवी से संबंधित डीवीआर को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि तकनीकी बारीकियों की जांच की जा सके।

इस औद्योगिक क्षेत्र में तीन कोयला डिपो और दो बड़ी राइस मिलें संचालित हैं, जहां श्रद्धा राइस मिल में ही करीब 100 से अधिक मजदूर काम करते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, इस इलाके में अक्सर बाहरी लोगों की आवाजाही और विवाद होते रहते हैं, इसलिए पुलिस इन प्रतिष्ठानों के मजदूरों और संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच कर रही है। इस बीच, क्षेत्र के एक अन्य स्थान से एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें घटना के समय के आसपास एक मोटरसाइकिल पर कुछ संदिग्ध लोग जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इस फुटेज में दिख रहे लोगों और मृतक के बीच संबंध तलाशने की कोशिश कर रही है। फिलहाल सरगांव पुलिस तमाम तकनीकी साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के नतीजों का इंतजार कर रही है ताकि इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाकर आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

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