मुंगेली मर्डर मिस्ट्री: नाबालिग की हत्या के आरोपी को मिनटों में बेल मिलने पर भड़की भीम आर्मी, प्रशासन को दिया 2 दिन का अल्टीमेटम; उग्र आंदोलन की चेतावनी
मुंगेली | छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में 17 वर्षीय नाबालिग बालिका की सनसनीखेज गला घोंटकर हत्या के मामले में न्याय व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इस जघन्य हत्याकांड के आरोपियों को निचली अदालत से महज मिनटों में जमानत मिलने के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस बीच भीम आर्मी ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखा रुख अपनाते हुए प्रशासन को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया है और आरोपियों की दोबारा गिरफ्तारी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम नेवासपुर में हुई इस वीभत्स घटना में आरोपी अजीत घृतलहरे ने अपनी नाबालिग प्रेमिका की गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सबको सकते में डाल दिया—हत्या जैसे संगीन और गंभीर मामले में लोअर कोर्ट से आरोपियों को इतनी जल्दी जमानत मिल गई, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
इस अजीबोगरीब फैसले के बाद से पीड़ित एससी वर्ग के परिवार और ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा है। स्थिति की सुलगती आग को देखते हुए खुद कलेक्टर और एसएसपी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश (DJ) के बंगले पर पहुंचकर गुहार लगानी पड़ी, ताकि इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जा सके।

भीम आर्मी की एंट्री: प्रशासन को 2 दिन की अल्टीमेटम चेतावनी
इस पूरे मामले में अब दलित और सामाजिक अधिकारों के लिए मुखर संगठन भीम आर्मी ने मैदान संभाल लिया है। भीम आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा है कि एक नाबालिग बेटी की निर्मम हत्या के आरोपियों को इस तरह आसानी से जमानत मिलना और खुलेआम घूमना न्याय का गला घोटने जैसा है।
भीम आर्मी ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में 2 दिन का अल्टीमेटम दिया है:
दोषियों की पुनः गिरफ्तारी की मांग: संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर आरोपियों की जमानत रद्द करवाकर उन्हें दोबारा सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सड़क पर उतरने की चेतावनी: भीम आर्मी ने कहा है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और लचर कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


खुलेआम धमकियों से सहमा पीड़ित परिवार
विवाद और तनाव तब और बढ़ गया जब जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपियों के हौسले इतने बुलंद हो गए कि उन्होंने मृतिका के भाई को रास्ते में रोककर सरेआम जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी है, जिसके बाद से पूरा पीड़ित परिवार दहशत के साए में जी रहा है।
बहरहाल, कलेक्टर-एसएसपी के स्तर पर जिला कोर्ट में अपील की तैयारियों के बीच, भीम आर्मी के अल्टीमेटम ने प्रशासनिक हलकों की नींद उड़ा दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन अगले 48 घंटों में क्या ठोस कदम उठाता है।
