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बिलासपुर कलेक्ट्रेट में डिप्टी सीएम अरुण साव की महा-समीक्षा: सुशासन और कसावट का बड़ा संदेश ​अधिकारियों को दो टूक।

बिलासपुर कलेक्ट्रेट में डिप्टी सीएम अरुण साव की महा-समीक्षा: सुशासन और कसावट का बड़ा संदेश
​अधिकारियों को दोटूक:

“भविष्य की जरूरतों को देखकर बनाएं विज़न, ढिलाई पर बर्दाश्त नहीं होगी कोई रियायत”
​अनुशासन पर गिरी गाज: समीक्षा बैठक से नदारद रहने पर बिल्हा, कोटा व तखतपुर के जनपद सीईओ तथा रतनपुर सीएमओ को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी।

​जलभराव से मुक्ति का स्थायी प्लान: मानसून समाप्त होते ही सड़कों की मरम्मत युद्धस्तर पर होगी शुरू; निर्माण विभागों की होगी अलग से समीक्षा।

​धरोहर और पर्यटन को नया आयाम: ऐतिहासिक नगरी मल्हार और रतनपुर के सुनियोजित एवं समन्वित विकास के लिए बनेगा स्पेशल ‘मास्टर प्लान’।

​किसान प्रथम: एग्रीस्टैक पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीयन के निर्देश; डिप्टी सीएम बोले— “तकनीकी वजह से एक भी किसान धान बेचने से न छूटे।”
​बैठक में दिग्गजों का जमावड़ा: बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला व दिलीप लहरिया सहित जनप्रतिनिधि एवं शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद।

​बिलासपुर (न्यायधानी): स्थित आज
जिला कलेक्ट्रेट स्थित ‘मंथन’ सभाकक्ष में आज बिलासपुर जिले के विकास का नया खाका खींचा गया। उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री माननीय अरुण साव की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय जिला समीक्षा बैठक में शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने के लिए ताबड़तोड़ और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक सहित क्षेत्र के प्रमुख विधायकों और प्रशासनिक अमले की गरिमामयी उपस्थिति रही।
​1. अनुशासनहीनता पर सीधा एक्शन: 4 बड़े अफसरों को नोटिस
​समीक्षा बैठक की शुरुआत में ही उपमुख्यमंत्री का सख्त रुख देखने को मिला। बिना किसी पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहने पर बिल्हा, कोटा और तखतपुर जनपद पंचायतों के सीईओ तथा रतनपुर नगरपालिका के सीएमओ को तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश दिए गए। श्री साव ने दोटूक कहा कि अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलकर मैदानी स्तर पर योजनाओं की मॉनिटरिंग करें।
​2. जलभराव और जर्जर सड़कों पर ‘मिशन मोड’ में काम


​बिलासपुर शहर में बारिश के दौरान बनने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने के लिए उपमुख्यमंत्री ने अभी से ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश समाप्त होते ही शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कों का सुधार कार्य तत्काल शुरू होना चाहिए। निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय करने के लिए उनकी पृथक समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी।
​3. ऐतिहासिक नगरी मल्हार व रतनपुर के लिए ‘मास्टर प्लान’
​जिले की सांस्कृतिक अस्मिता और पर्यटन क्षमता को विस्तार देने के लिए ऐतिहासिक नगरी मल्हार और रतनपुर के समन्वित विकास हेतु एक दूरदर्शी मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसके तहत प्राचीन विरासत के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
​4. अन्नदाताओं के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य, लगेंगे शिविर
​कृषि विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है (10 हजार मीट्रिक टन उर्वरक व 300 क्विंटल बीज उपलब्ध)। आगामी धान खरीदी को सुगम बनाने हेतु एग्रीस्टैक पोर्टल (AgriStack) पर किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए गांव-गांव शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजीयन के अभाव में जिले का कोई भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित नहीं रहना चाहिए।
​5. सेहत, स्वच्छता और ग्रामीण अधोसंरचना पर फोकस
​मलेरिया पर वार: मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु गांव-गांव में मितानिनों के पास दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कोटा विकासखंड के प्रभावित क्षेत्रों में रोटरी क्लब के सहयोग से 1,500 मच्छरदानियां बांटने के निर्देश दिए गए।
​जल जीवन मिशन व ग्रामीण विकास: वीबी-जी रामजी योजना के तहत मुक्तिधाम, स्कूल मरम्मत, जल संरक्षण और छोटे बांधों को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। बताया गया कि जल जीवन मिशन की 804 में से 310 योजनाएं पूर्ण कर 219 ग्राम पंचायतों को सौंपी जा चुकी हैं।
​प्रमुख उपस्थिति:
समीक्षा बैठक में विधायक सर्वश्री धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम आयुक्त सहित समस्त विभागीय जिलाध्यक्ष एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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