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दक्षिण बिल्हा के प्रतिष्ठित चिकित्सक एवं पूर्व खंड संघचालक डॉ. लखन गिरी गोस्वामी का आकस्मिक निधन, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

दक्षिण बिल्हा के प्रतिष्ठित चिकित्सक एवं पूर्व खंड संघचालक डॉ. लखन गिरी गोस्वामी का आकस्मिक निधन, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
​बिल्हा/बिलासपुर:
दक्षिण बिल्हा क्षेत्र ने आज चिकित्सा जगत और सामाजिक क्षेत्र की एक बेहद सम्मानीय एवं मूर्धन्य विभूति को खो दिया है। अत्यंत दुःखद और मर्माहत करने वाले समाचार के अनुसार, दक्षिण बिल्हा के सुप्रसिद्ध एवं वरिष्ठ चिकित्सक तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व खंड संघचालक डॉ. लखन गिरी गोस्वामी जी का आज सुबह आकस्मिक निधन हो गया। उनके महाप्रयाण की इस हृदयविदारक सूचना से पूरे बिल्हा क्षेत्र सहित बिलासपुर जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। डॉ. गोस्वामी का इस तरह असमय चले जाना चिकित्सा जगत, सामाजिक चेतना और क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई असंभाव्य है।
​विविध क्षेत्रों में अनुकरणीय रहा जीवन सफर
​डॉ. लखन गिरी गोस्वामी जी न केवल चिकित्सा के माध्यम से पीड़ित मानवता की निस्वार्थ सेवा के लिए जाने जाते थे, अपितु उन्होंने पूर्व में दक्षिण बिल्हा के माननीय खंड संघचालक के दायित्व का निर्वहन करते हुए समाज को नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभाई थी। उनके सौम्य स्वभाव, उच्च वैचारिक मूल्यों और सेवाभावी व्यक्तित्व के कारण समाज का प्रत्येक वर्ग उनके प्रति अगाध श्रद्धा रखता था। वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं; वे श्री राज गोस्वामी के पूज्य पिताजी तथा युवा साथी जय गोस्वामी एवं धनंजय गोस्वामी के आदरणीय दादाजी थे।
​अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
​पार्थिव देह का अंतिम संस्कार आज निर्धारित समयानुसार पूर्वाग्नि बेला में सुबह 11:00 बजे बिल्हा के स्थानीय मुक्तिधाम में पूर्ण धार्मिक एवं सनातन मर्यादाओं के साथ संपन्न हुआ। इस अत्यंत दुखद घड़ी में डॉ. गोस्वामी जी को अंतिम विदाई देने के लिए क्षेत्र के विभिन्न राजनेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, चिकित्सक, गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में स्थानीय जनमानस उपस्थित रहा। मुखाग्नि के समय उपस्थित हर आंख नम थी और सभी ने नम आंखों से क्षेत्र के इस महामानव को अपनी भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की।
​’आर जे रमझाझर’ मीडिया परिवार इस असीम शोक की घड़ी में शोकाकुल गोस्वामी परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना और संवेदना-पुष्प प्रकट करता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में उत्तम स्थान प्रदान करें और इस वज्रपात को सहन करने के लिए परिजनों एवं शुभचिंतकों को आत्मबल संबल दें।

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