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धर्म संसद (T) का छत्तीसगढ़ में बड़े बदलाव का शंखनाद: ‘विजन 2050’ व ‘जनप्रतिनिधित्व परीक्षा 2026’ का ऐलान; कानून-व्यवस्था से लेकर व्यवस्था परिवर्तन तक दिनेश दुबे ने रखा अपना पक्ष।

धर्म संसद (T) का छत्तीसगढ़ में बड़े बदलाव का शंखनाद: ‘विजन 2050’ व ‘जनप्रतिनिधित्व परीक्षा 2026’ का ऐलान;

कानून-व्यवस्था से लेकर व्यवस्था परिवर्तन तक दिनेश दुबे ने रखा अपना पक्ष
​अपराध और ठगी की बढ़ती घटनाओं पर जताई चिंता;

बिलासपुर में बुजुर्ग महिला से ₹2 लाख की ठगी पर पुलिस से त्वरित कार्रवाई और जनता से सतर्कता की अपील

​32 वर्षों के चुनावी अनुभव और अन्ना आंदोलन से प्रेरित संकल्प: कांग्रेस-भाजपा की द्विदलीय राजनीति के बीच छत्तीसगढ़ को सशक्त ‘तीसरे विकल्प’ की आवश्यकता
​2026 में 90 विधानसभा सीटों पर संगठन विस्तार, 2027 में राजनीतिक दल का पंजीकरण और 2028 चुनाव में पहली बार उतरने की तैयारी।

​बिलासपुर, छत्तीसगढ़: के अंतर्गत
धर्म, समाज और राष्ट्रचिंतन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय संगठन ‘धर्म संसद (T)’ के प्रदेश संयोजक एवं वरिष्ठ समाजसेवी दिनेश दुबे (बिलासपुर) ने राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक तालमेल की कमी और भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर एक विस्तृत और महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। उन्होंने शहर में बढ़ती ठगी की घटनाओं पर गहरा असंतोष व्यक्त करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में सुशासन और बुनियादी व्यवस्था परिवर्तन के लिए ‘विजन 2050’ का खाका प्रस्तुत किया है।
​1. बिलासपुर ठगी कांड पर चिंता: “सफेदपोश अपराधियों से सतर्क रहे जनता”
​बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र (नेहरू चौक/कंवरराम मार्केट) में 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला विद्या मोटवानी से सुरक्षा का झांसा देकर ₹2 लाख के सोने के जेवर ठगे जाने की घटना पर दिनेश दुबे ने गहरा दुख व्यक्त किया।
​प्रशासनिक सतर्कता की मांग: उन्होंने सिविल लाइन पुलिस से मांग की है कि सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और संदेही ऑटो चालक की भूमिका के आधार पर आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए।
​आम जनता से अपील: धर्म संसद ने नागरिकों से आग्रह किया है कि रास्ते में किसी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं। खुद को सुरक्षाकर्मी या शुभचिंतक बताकर गहने सुरक्षित रखने की सलाह देने वालों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
​2. छत्तीसगढ़ में ‘तीसरे विकल्प’ की आवश्यकता और प्रशासनिक समन्वय का अभाव
​दिनेश दुबे ने राज्य की वर्तमान राजनीतिक व प्रशासनिक स्थिति का विश्लेषण करते हुए कहा कि राज्य गठन के दो दशकों से अधिक समय में जनता ने कांग्रेस और भाजपा दोनों को शासन का अवसर दिया। हालांकि, आज भी जनता पारदर्शी सुशासन और वास्तविक विकास की प्रतीक्षा कर रही है।
​प्रशासनिक खींचतान व कागजी निराकरण: सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जनदर्शन व शिकायत निवारण मंचों पर लाखों मामलों को बिना ठोस कार्रवाई के केवल कागजों पर ‘निराकृत’ दिखाया जा रहा है।
​जनता की तलाश: आज छत्तीसगढ़ की जनता केवल चेहरा बदलने वाला ‘सत्ता परिवर्तन’ नहीं, बल्कि जवाबदेही और जनहित को प्राथमिकता देने वाला एक पारदर्शी ‘व्यवस्था परिवर्तन’ चाहती है।
​3. अन्ना आंदोलन से उपजा संकल्प: “फल की चिंता नहीं, कर्म ही मेरी यात्रा का आधार”
​रामायण सांस्कृतिक केंद्र (कोराड़ी, नागपुर) में आयोजित विचार मंथन का उल्लेख करते हुए दिनेश दुबे ने अपने सार्वजनिक जीवन के संकल्प को साझा किया।
​32 वर्षों का अनुभव: वर्ष 2011 के ऐतिहासिक अन्ना आंदोलन से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले और 32 वर्षों से मतदाता रहे दिनेश दुबे ने पिछले 15 वर्षों में राजनीतिक दलों के गठन, चुनाव चिह्नों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का विधिक अध्ययन किया है।
​25 वर्षों का निष्काम कर्मयोग: उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका प्रयास किसी दल के विरोध में नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में है। वे बिना किसी परिणाम की चिंता किए आगामी 25 वर्षों को सृजनात्मक और रचनात्मक जनसेवा के लिए समर्पित कर रहे हैं। लोकतंत्र केवल दो दलों या दो चिह्नों तक सीमित न रहकर राज्य से निकलकर राष्ट्रीय पटल तक पहुंचे, यही उनका ध्येय है।
​4. धर्म संसद (T) का चुनावी रोडमैप और ‘विजन 2050’
​छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी विकसित राज्यों में स्थापित करने हेतु धर्म संसद (T) ने अपनी दूरगामी कार्ययोजना की घोषणा की है:
​जनप्रतिनिधित्व परीक्षा 2026: प्रदेश की सभी 90 विधानसभा सीटों से योग्य, नैतिक और सेवाभावी युवाओं के चयन हेतु पारदर्शी परीक्षा के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।
​2027 में राजनीतिक दल का पंजीकरण: भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission) में अनुषंगिक राजनीतिक पार्टी का औपचारिक पंजीकरण कराया जाएगा।
​2028 विधानसभा चुनाव: चुनाव चिह्न प्राप्त होने के पश्चात संगठन पहली बार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपने जनहितकारी विचारों को लेकर चुनाव मैदान में उतरेगा।
​संगठन से जुड़ने और राष्ट्रचिंतन के प्रसार का आह्वान:

​धर्म संसद (T) ने प्रदेश के बुद्धिजीवियों, युवाओं और आम नागरिकों से राष्ट्रधर्म और सुशासन के इस वैचारिक अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है। संगठन की गतिविधियों, नए विचारों और विधानसभावार आवेदन से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9300310671 पर संपर्क कर जुड़ने की अपील की गई है।

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