काशी से न्यायधानी बिलासपुर पधारे पूज्यपाद जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज: शाह परिवार द्वारा हुआ भव्य स्वागत ,सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा, बेमेतरा छत्तीसगढ़ में चातुर्मास्य अनुष्ठान का दिव्य प्रवाह, बन रहा है विश्व का सबसे बड़ा मंदिर।

काशी से न्यायधानी बिलासपुर पधारे पूज्यपाद जगद्गुरुस्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी शंकराचार्य महाराज: शाह परिवार द्वारा हुआ भव्य स्वागत

सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा, बेमेतरा छत्तीसगढ़ में चातुर्मास्य अनुष्ठान का दिव्य प्रवाह, बन रहा है विश्व का सबसे बड़ा मंदिर!
बिलासपुर (छत्तीसगढ़):
न्यायधानी बिलासपुर की पवित्र माटी पर इस समय अध्यात्म, भक्ति और सनातन धर्म का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर परमधर्माधीश अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी महाराज काशी (वाराणसी) से प्रस्थान कर बिलासपुर पधारे हैं।
🌸 शाह परिवार द्वारा दिव्य स्वागत व पूजन
बिलासपुर आगमन पर शाह परिवार द्वारा पूज्य महाराज श्री का अत्यंत भावभीना, भव्य और शास्त्रोक्त रीति-रिवाज से स्वागत एवं विशेष पूजन-अर्चन किया गया। महाराज श्री के आगमन से पूरा बिलासपुर शहर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा है।

🏛️ सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा, बेमेतरा छत्तीसगढ़: जहाँ आकार ले रहा है विश्व का सबसे बड़ा मंदिर!
वर्तमान में महाराज श्री का पावन चातुर्मास्य महाव्रत अनुष्ठान छत्तीसगढ़ प्रदेश के सलधा बेमेतरा सुप्रसिद्ध सपाद लक्षेश्वर धाम में पूर्ण वैदिक गरिमा एवं भव्यता के साथ संचालित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि यही वह पावन धरा है, जहाँ विश्व का सबसे बड़ा मंदिर निर्मित हो रहा है। पूज्य महाराज श्री के कठोर तप, साधना और दिव्य ज्ञान की रश्मियों से पूरा धाम अलौकिक ऊर्जा से जगमगा रहा है। प्रतिदिन यहाँ हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर धर्म-लाभ ले रहे हैं।
🌟 चातुर्मास्य महोत्सव की मुख्य अलौकिक विशेषताएं:
- पंच-कालिक शास्त्रोक्त पूजन का Live दर्शन: श्रद्धालुओं को प्रतिदिन पूज्य शंकराचार्य जी महाराज द्वारा संपन्न की जाने वाली पांचों काल की अति-पवित्र एवं शास्त्रोक्त ‘पंच-कालिक पूजा’ का प्रत्यक्ष दर्शन करने का दुर्लभ सौभाग्य मिल रहा है।
- अनवरत गुरु-दीक्षा कार्यक्रम: सनातन परंपरा से जुड़ने के इच्छुक मुमुक्षुओं के लिए प्रतिदिन प्रातः 6:30 बजे दीक्षा स्थल पर गुरु-दीक्षा प्रदान की जा रही है।
- दिव्य सत्संग व ज्ञानगंगा: महाराज श्री के श्रीमुख से प्रवाहित हो रहे दिव्य प्रवचनों से श्रद्धालुओं के संशय दूर हो रहे हैं और मन शांति व भक्ति से परिपूर्ण हो रहा है।
🕉️ विश्व हिंदू महासभा एवं आयोजन समिति का ओजस्वी आह्वान

विश्व हिंदू महासभा (राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पंडित श्रवण दुबे समुद्रशास्त्री) , छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण पाल ,मुख्य प्रभारी सेवा दल छत्तीसगढ़ अमर कांत तिवारी उर्फ कटारी बाबा, सह प्रभारी छत्तीसगढ़ अनूप चौरसिया विश्व हिंदू सेवा दल समस्त धर्म प्रेमियों ने बिलासपुर तथा छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में बसे हर सनातनी व धर्मप्रेमी से करबद्ध अपील करती है:
“यह अवसर युगों में एक बार प्राप्त होता है। जब साक्षात भगवान आद्य शंकराचार्य जी की पीठ के अधीश्वर हमारे बीच विराजित हों और जहाँ विश्व के सबसे विशाल मंदिर का निर्माण हो रहा हो, उस पावन धाम का दर्शन व आशीर्वाद प्राप्त करना पूर्व जन्मों के पुण्यों का फल है। आप सभी सपरिवार पधारें और जीवन को कृतार्थ करें।”
📍 स्थान एवं समय सारणी:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | सपाद लक्षेश्वर धाम (विश्व का निर्माणाधीन सबसे बड़ा मंदिर), सलधा, बेमेतरा (छत्तीसगढ़) |
| दीक्षा समय | प्रतिदिन प्रातः 6:30 बजे से |
| विशेष आकर्षण | पंच-कालिक पूजन दर्शन, दिव्य सत्संग एवं शंकराचार्य जी का आशीर्वाद |
🚩 हर हर महादेव! जय सनातन धर्म! जय जगद्गुरु शंकराचार्य! 🚩
