गिरौदपुरी धाम में आक्रोश: मंदिर परिसर में गलत दिशा में शेड निर्माण का विरोध, पूर्व मंत्री रुद्र गुरु के नेतृत्व में सतनामी समाज का बड़ा धरना प्रदर्शन
बलौदाबाजार: बाबा गुरु घासीदास की पावन तपोभूमि और सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल गिरौदपुरी धाम में शेड निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। मंदिर परिसर में चल रहे इस निर्माण कार्य की दिशा को लेकर सतनामी समाज ने शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व मंत्री व गुरुगद्दी रुद्र गुरु और प्रियंका गुरु के नेतृत्व में समाज के सैकड़ों लोग मंदिर परिसर में ही धरने पर बैठ गए हैं और उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
आस्था और परंपरा के विपरीत निर्माण का आरोप
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रुद्र गुरु ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि सतनामी समाज गिरौदपुरी धाम में होने वाले विकास कार्यों का विरोधी बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा:
”हम विकास के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि हमारा विरोध सिर्फ और सिर्फ गलत दिशा में हो रहे निर्माण को लेकर है। यह आस्था और तय सामाजिक नियमों के पूरी तरह विपरीत है।”
क्या है मुख्य विवाद?
सदियों पुरानी परंपरा: सतनामी समाज की यह अटूट परंपरा रही है कि श्रद्धालु मुख्य गेट के बाईं (लेफ्ट) दिशा से भुइयां नापते (दंडवत परिक्रमा करते) हुए मुख्य मंदिर तक जाते हैं।
प्रशासन की गलती: वर्तमान समय में प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के नाम पर जो शेड बनाया जा रहा है, उसका निर्माण दाईं (राइट) तरफ कराया जा रहा है। समाज का कहना है कि दाईं तरफ शेड बनने से श्रद्धालुओं की पारंपरिक परिक्रमा और आस्था को ठेस पहुंचेगी।
पहले भी सौंपा गया था ज्ञापन, नहीं हुई कार्रवाई
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस शेड निर्माण के संबंध में समाज द्वारा शासन और प्रशासन को पहले भी ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी थी। लेकिन प्रशासन की ओर से इस पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया और न ही निर्माण की दिशा बदली गई। यही वजह है कि समाज के लोगों को मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा और आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।
अब आगे क्या?
गिरौदपुरी धाम में सतनामी समाज के इस भारी आक्रोश और धरने के बाद माहौल गरमाया हुआ है। अब यह देखना बेहद अहम होगा कि शासन और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। क्या सतनामी समाज की आस्था और पारंपरिक नियमों का सम्मान करते हुए इस शेड निर्माण की दिशा बदली जाएगी, या फिर यह विवाद और बड़ा रूप अख्तियार करेगा?
