प्रचंड नौतपा पर बिलासपुर संभाग के मीडिया जगत का महा-अभियान: समुद्र शास्त्री ने जताया सबका आभार, शासन-प्रशासन से की संवैधानिक राहत की मांग।
प्रचंड नौतपा पर बिलासपुर संभाग के मीडिया जगत का महा-अभियान: समुद्र शास्त्री ने जताया सबका आभार, शासन-प्रशासन से की संवैधानिक राहत की मांग
बोदरी/बिल्हा। 25 मई से प्रारंभ हो रहे नौतपा और ज्येष्ठ मास की भीषण गर्मी के संकट को देखते हुए बिलासपुर संभाग के मीडिया संगठनों और सामाजिक विचारकों का महा-अभियान धरातल पर उतर चुका है। जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस (बोदरी) के प्रमुख समुद्र शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार श्रवण दुबे) ने इस जन-जागरूकता मुहिम से जुड़े सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है।
इस अवसर पर समुद्र शास्त्री ने इस प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति से आम जनमानस को बचाने के लिए शासन और जिला प्रशासन के समक्ष महत्वपूर्ण संवैधानिक मांग भी रखी है।
सहयोगियों के प्रति आभार
मुहिम को व्यापक सफलता मिलने पर समुद्र शास्त्री ने अग्रिम पंक्ति के सभी मार्गदर्शकों और सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विशेष रूप से:
धर्म संसद बिलासपुर के संयोजक दिनेश दुबे के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने छत्तीसगढ़ में कंक्रीट के बढ़ते जाल और कागजी वृक्षारोपण के कारण 55 डिग्री तक पहुँचने वाले भावी खतरे से समाज को सचेत किया।
श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ के राजेंद्र डहरिया (वरिष्ठ पत्रकार, हरिभूमि) तथा बिल्हा ब्लॉक पत्रकार संघ के अध्यक्ष व उनकी पूरी टीम का आभार माना, जिन्होंने इस जनहितैषी एडवायजरी को जन-जन तक पहुँचाने में अपनी पत्रकारिता की शक्ति को झोंक दिया।
शासन-प्रशासन से संवैधानिक राहत की मांग
वरिष्ठ पत्रकार एवं संस्थान प्रमुख समुद्र शास्त्री ने भारत के संविधान में निहित ‘जीवन जीने के अधिकार’ का हवाला देते हुए शासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस भीषण तपन के दौर में आम जनता की सुरक्षा के लिए सभी प्रशासनिक कदम तत्काल उठाए जाएं:
श्रम व कार्य समय में ढील: चिलचिलाती धूप में खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूरों, किसानों और निर्माण श्रमिकों के लिए दोपहर 12 से 4 बजे के बीच मैदानी कार्यों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
सार्वजनिक व्यवस्थाएं: नगरीय निकायों द्वारा बिलासपुर, बोदरी, बिल्हा सहित पूरे संभाग के मुख्य चौराहों और बाजारों में पर्याप्त छांव (शेड) और ठंडे पेयजल (पियाऊ) की शासकीय व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए।
आपातकालीन चिकित्सा: हीट स्ट्रोक (लू) से प्रभावित नागरिकों के लिए सभी शासकीय अस्पतालों में ‘इमरजेंसी वार्ड’ और जीवन रक्षक दवाएं 24 घंटे उपलब्ध रखी जाएं।
नौतपा में जीवन परिवर्तन का संकल्प
समुद्र शास्त्री ने कहा कि विषम परिस्थितियां ही मनुष्य के श्रेष्ठ पथ की परीक्षा लेती हैं। इस नौतपा में मूक पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यावहारिक रूप से आगे आना ही मानव जीवन की परम सार्थकता है।
संयुक्त घोषणा:
“प्रकृति की इस कठिन परीक्षा में समाज और मीडिया जगत एकजुट है। अब शासन और प्रशासन को भी अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए जनता के लिए राहत के द्वार खोलने होंगे। दिनेश दुबे, राजेंद्र डहरिया और बिल्हा ब्लॉक पत्रकार संघ का यह वैचारिक समन्वय निरंतर जारी रहेगा।”
— समुद्र शास्त्री (संस्थान प्रमुख, जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस, बोदरी, बिलासपुर)
