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​सेवा और संवेदना का संगम: जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस बोदरी तहसील अंतर्गत ज्योति कुलदीप के पुत्र अक्षय कुलदीप की स्मृति में उमड़ेगा दिग्गजों का जनसैलाब।

​सेवा और संवेदना का संगम: अक्षय कुलदीप की स्मृति में उमड़ेगा दिग्गजों का जनसैलाब।


​सनाढ्य कुर्मी भवन में आयोजित ‘पुष्पांजलि सभा’ में धरमलाल कौशिक व पूजा विधानी सहित शीर्ष दिग्गज नेतृत्व प्रदान करेगा सबल
​बोदरी/बिलासपुर:
समाज सेवा और संगठन की वेदी पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाली वरिष्ठ भाजपा नेत्री ज्योति कुलदीप के सुपुत्र अक्षय कुलदीप की स्मृति में कल, 14 मई को एक विशाल ‘श्रद्धांजलि एवं संवेदना सभा’ का आयोजन चकरभाठा स्थित सनाढ्य कुर्मी भवन में किया जा रहा है।

यह आयोजन मात्र एक शोक कार्यक्रम न होकर, एक कर्तव्यनिष्ठ परिवार के प्रति सामाजिक एकजुटता और कृतज्ञता प्रकट करने का उच्चतम सोपान होगा।
​नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति
​इस हृदयविदारक घड़ी में ज्योति कुलदीप को संबल प्रदान करने और दिवंगत अक्षय को अपनी भावांजलि अर्पित करने प्रदेश के कद्दावर नेता और जनप्रतिनिधि जुटेंगे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:
​धरमलाल कौशिक: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक।
​पूजा विधानी: महापौर, बिलासपुर।
​तोखन साहू: केंद्रीय राज्य मंत्री, भारत सरकार।
​भूपेंद्र सवन्नी: वरिष्ठ भाजपा नेता।
​इनके साथ ही भाजपा जिला मंत्री महिला मोर्चा जया पांडे, दुर्गा कौशिक एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि इस ‘संवेदना सभा’ का हिस्सा बनेंगे। विधायक धरमलाल कौशिक एक अभिभावक के रूप में उपस्थित रहकर परिवार को ढांढस बंधाएंगे।
​अदम्य साहस और संघर्ष की प्रतिमूर्ति: ज्योति कुलदीप
​पत्रकारिता के मानदंडों पर ज्योति कुलदीप का व्यक्तित्व ‘पीड़ा से परोपकार’ की जीवंत मिसाल है। पूर्व में अपनी पुत्री और अब पुत्र अक्षय के आकस्मिक विछोह के वज्रपात को सहने के बावजूद, संगठन के प्रति उनकी निष्ठा अडिग रही है। गंभीर अस्वस्थता के बाद भी अस्पताल से सीधे रायपुर के ‘नारी शक्ति’ सम्मेलन में उनकी उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि उनके लिए जनसेवा ही सर्वोपरि है। कल का यह समागम इसी फौलादी संकल्प को नमन करने का माध्यम बनेगा।
​सामाजिक चेतना और गंभीर चिंतन
​मीडिया प्रभारी प्रकाश समुद्र शास्त्री ने इस अवसर पर मर्माहत होते हुए कहा कि अक्षय का जाना केवल एक परिवार की नहीं, अपितु समाज की क्षति है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जब समाज के लिए जीने वाले परिवारों पर नियति का प्रहार होता है, तब संपूर्ण समाज का दायित्व है कि वह एक दीवार बनकर उनके साथ खड़ा हो। कल की यह सभा इसी एकजुटता का प्रमाण है।
​शास्त्री ने यह भी सूचित किया कि श्रद्धांजलि कार्यक्रम के उपरांत एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें भविष्य की सामाजिक रूपरेखा पर गंभीर चिंतन किया जाएगा।

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