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लोकमाता अहिल्याबाई की जयंती पर भव्य आयोजन की तैयारी: समुद्र शास्त्री और लक्ष्मण पाल ने समाज को किया अलर्ट।

लोकमाता अहिल्याबाई की जयंती पर भव्य आयोजन की तैयारी: समुद्र शास्त्री और लक्ष्मण पाल ने समाज को किया अलर्ट

बिलासपुर/बोदरी। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की आगामी 31 मई को होने वाली जयंती के पावन अवसर पर आज एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस के प्रमुख समुद्र शास्त्री (वरिष्ठ पत्रकार श्रवण दुबे) और प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण पाल ने संयुक्त रूप से आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की और समाज के सभी वर्गों को इस गौरवमयी आयोजन के लिए ‘अलर्ट’ रहने व सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

बैठक के मुख्य बिंदु और अलर्ट का उद्देश्य:

बैठक को संबोधित करते हुए समुद्र शास्त्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई न केवल न्याय और सुशासन की प्रतीक थीं, बल्कि उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी धर्म और समाज की रक्षा की। वर्तमान में चल रहे प्रचंड ‘नौतपा’ और भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए:

सेवा ही संकल्प: जयंती के अवसर पर दिखावे के बजाय सेवा कार्यों पर जोर दिया जाए। मुख्य चौराहों पर शीतल पेयजल (पियाऊ) और राहगीरों के लिए छांव की व्यवस्था को प्राथमिकता मिले।

अनुशासन और सुरक्षा: भीषण गर्मी और लू (Heat Stroke) के खतरों को देखते हुए कार्यक्रमों के समय और प्रबंधन को लेकर सभी को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है, ताकि किसी भी श्रद्धालु या सहभागी के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव न पड़े।

लक्ष्मण पाल का संबोधन:

प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण पाल ने संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि लोकमाता की जयंती को सामाजिक समरसता के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने बिलासपुर संभाग के समस्त पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वे धरातल पर उतरकर अंतिम व्यक्ति तक इस आयोजन की सूचना पहुंचाएं।

प्रशासनिक और सामाजिक समन्वय:

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि शासन-प्रशासन से भी इस विशेष दिन पर सार्वजनिक स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने की मांग की जाएगी।

“अहिल्याबाई होलकर का जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में अडिग रहना सिखाता है। 31 मई का यह आयोजन समाज को संगठित करने और जन-सेवा का एक नया अध्याय लिखेगा।”

— समुद्र शास्त्री एवं लक्ष्मण पाल

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