रेगिस्तान के शेर’ वीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर जगमाल सिंह का निधन, राष्ट्र ने खोया एक जीवंत गौरवशाली अध्याय।
रेगिस्तान के शेर’ वीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर जगमाल सिंह का निधन, राष्ट्र ने खोया एक जीवंत गौरवशाली अध्याय।
बिलासपुर बोदरी अंतर्गत सामाजिक संस्थाओं के साथ में विश्व हिंदू महासभा मैं गहरा शोक व्यक्त किया।
भारतीय सैन्य इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अपनी वीरता दर्ज कराने वाले, 1971 के भारत-पाक युद्ध के महानायक ब्रिगेडियर जगमाल सिंह (वीर चक्र) अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन से मारवाड़ सहित पूरे देश में शोक की लहर व्याप्त है। वे न केवल एक सैन्य अधिकारी थे, बल्कि थार के रेगिस्तान की रक्षा करने वाले एक ऐसे जांबाज थे जिनकी वीरता की मिसाल आज भी सेना के जवानों को प्रेरित करती है।
शौर्य की अमर गाथा: ऊंटों पर सवार होकर फतह किया था ‘रानीहल’
ब्रिगेडियर जगमाल सिंह जी की वीरता का सबसे गौरवशाली अध्याय 1971 के युद्ध में लिखा गया। उस दौर में जब आधुनिक संसाधनों का अभाव था, उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए ऊंटों पर सवार होकर तपते रेगिस्तान को पार किया और पाकिस्तान की सीमा में 16 किलोमीटर भीतर घुसकर सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘रानीहल’ चेकपोस्ट पर कब्जा किया। वहां तिरंगा फहराकर उन्होंने जो कीर्तिमान स्थापित किया, उसके लिए भारत सरकार ने उन्हें ‘वीर चक्र’ से अलंकृत किया था।
विभिन्न संस्थाओं द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि
उनके निधन पर विश्व हिंदू महासभा, विश्व मानव परमार्थ संस्था और अन्य सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। श्रद्धांजलि सभाओं में उन्हें ‘रेगिस्तान का रक्षक’ और ‘शौर्य का प्रतीक’ बताया गया।
“ब्रिगेडियर जगमाल सिंह जी का जाना राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ऊंटों पर सवार होकर इतिहास रचने वाला वह योद्धा आज भले ही पंचतत्व में विलीन हो गया हो, लेकिन उनका अनुशासन और अटूट राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों के रगों में जोश भरता रहेगा। हमने आज एक सच्चा हीरा खो दिया है।”
— लक्ष्मण पाल, समाजसेवी एवं पदाधिकारी (विश्व हिंदू महासभा)
राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति
ब्रिगेडियर साहब का जाना केवल एक सैन्य नायक का जाना नहीं, बल्कि वीरता के एक कालखंड का अंत है। थार की रेत का कण-कण आज उस जांबाज को नमन कर रहा है जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी देश के स्वाभिमान को कभी झुकने नहीं दिया।
विश्व हिंदू महासभा एवं समस्त सामाजिक संस्थाएं दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करती हैं और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हैं।
