बिलासपुर छत्तीसगढ़/अंतर्गत चकरभाठा में IPL सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, RCB vs GT मैच पर लग रहा था दांव का हुआ बड़ा खुलासा।
बिलासपुर पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: चकरभाठा में IPL सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, RCB vs GT मैच पर लग रहा था दांव

बिलासपुर | क्रिकेट के रोमांच की आड़ में चल रहे अवैध कारोबार के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक की है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत चकरभाठा क्षेत्र में सक्रिय एक ऑनलाइन सट्टा गिरोह को दबोचा गया है।
मुख्य घटनाक्रम: नयापारा चौक पर घेराबंदी
दिनांक 24 अप्रैल 2026 को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने नयापारा चौक पर दबिश दी। यहाँ एक सफेद रंग की एक्टिवा (MH 36 T 6207) पर सवार होकर संदिग्ध गतिविधि कर रहे दिनेश पंजवानी उर्फ दिन्हे को रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी रेडमी मोबाइल के माध्यम से ‘क्रोमा गेट आईडी ऐप’ का उपयोग कर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) बनाम गुजरात टाइटन्स (GT) के मैच पर सट्टेबाजी का संचालन कर रहा था।
जब्ती का विवरण (मशरूका)
पुलिस ने मौके से अपराध में प्रयुक्त निम्नलिखित सामग्रियां जब्त की हैं:
वाहन: एक सफेद रंग की एक्टिवा स्कूटी (क्रमांक: MH 36 T 6207)
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य: एक रेडमी कंपनी का स्मार्टफोन (जिसमें सट्टे के लेन-देन के स्क्रीनशॉट और आईडी का विवरण मौजूद है)
संगठित गिरोह का खुलासा: ‘मास्टरमाइंड’ फरार
पूछताछ के दौरान आरोपी दिनेश पंजवानी ने स्वीकार किया कि वह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। जांच में सामने आए मुख्य तथ्य:
संचालन: आरोपी अज्जू भकतानी और उसके एक अन्य साथी के लिए कमीशन पर काम करता था।
लेनदेन: अज्जू भकतानी से 20 हजार रुपये लेकर यह सट्टा बाजार संचालित किया जा रहा था।
मोडस ऑपरेंडी: सट्टे की रकम और कस्टमर्स का हिसाब-किताब ऑनलाइन ऐप के जरिए अज्जू भकतानी को भेजा जाता था।
विधिक कार्यवाही और गिरफ्तारी
पकड़े गए आरोपी दिनेश पंजवानी (पिता: भगवानदास, उम्र: 33 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 08, चकरभाठा के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है:
धाराएं: आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ एक्ट की धारा 07(1) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वर्तमान स्थिति: मुख्य आरोपी दिनेश को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, मामले के अन्य मास्टरमाइंड अज्जू भकतानी और उसका एक साथी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
”पुलिस प्रशासन क्रिकेट सट्टे जैसे संगठित अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश जारी है, जल्द ही वे भी सलाखों के पीछे होंगे।”
