जनपद पंचायत अध्यक्ष पर अवैध खनन का गंभीर आरोप, शासकीय खजाने की खुली लूट!

जनपद पंचायत अध्यक्ष पर अवैध खनन का गंभीर आरोप, शासकीय खजाने की खुली लूट!
बिलासपुर।
जनपद पंचायत बिल्हा के अध्यक्ष रामकुमार कौशिक एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में हैं। मामला उनके गृह ग्राम बरतोरी का है, जहां बीते करीब तीन सप्ताह से अवैध उत्खनन और अवैध परिवहन धड़ल्ले से किए जाने का खुलासा हुआ है। आरोप है कि प्रभाव और पद का दुरुपयोग करते हुए मुरूम और मिट्टी की खुलेआम चोरी कर उसे बाजार में बेचा गया, जिससे शासन को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा है।


मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बरतोरी में जेसीबी मशीन (क्रमांक CG 10 BK 4868) और 4 से 5 ट्रैक्टरों के माध्यम से लगातार खनन किया गया। अनुमान है कि 700 से 1000 ट्रिप मुरूम और मिट्टी यहां से निकाली जा चुकी है। जब पत्रकारों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो वहां अवैध गतिविधियां स्पष्ट रूप से देखी गईं।
जेसीबी मालिक से बातचीत में उसने साफ तौर पर बताया कि मशीन जनपद पंचायत अध्यक्ष रामकुमार कौशिक ने किराए पर ली है। वहीं मौके पर मौजूद एजेंटों ने भी स्वीकार किया कि खनन रामकुमार कौशिक के निर्देश पर कराया जा रहा है, हालांकि खनिज विभाग से अनुमति है या नहीं, इसकी जानकारी देने से वे बचते नजर आए।


स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पत्रकारों द्वारा फोटो और वीडियो बनाए जाने के बाद लोड ट्रैक्टरों को तत्काल खाली कराकर जेसीबी और ट्रैक्टर मौके से भगाए गए। इस पूरे घटनाक्रम की सूचना तत्काल बिल्हा एसडीएम और थाना प्रभारी को दी गई।
आरोप है कि इसके बाद स्वयं जनपद पंचायत अध्यक्ष रामकुमार कौशिक ने स्थानीय पत्रकार को फोन कर धमकी भरे लहजे में कहा— “सब काम मैं करवा रहा हूं, मेरा पंचायत है, मेरा गांव है, मेरा सरपंच है”। जब उनसे खनिज विभाग की अनुमति को लेकर सवाल किया गया तो वे गोलमोल जवाब देते हुए फोन काटते नजर आए।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोप के मुताबिक गांव से बाहर हो रहे सड़क निर्माण कार्य की आड़ में मुरूम और मिट्टी की चोरी कर उसे निजी लाभ के लिए बेचा गया। यह सीधा-सीधा शासकीय संपत्ति की लूट और कानून को ठेंगा दिखाने जैसा है।
फिलहाल इस पूरे मामले की लिखित शिकायत थाना प्रभारी, एसडीएम और उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है। अधिकारियों ने जांच कर तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
👉 क्या सत्ता और पद के नशे में शासकीय खजाने की चोरी करने वाले जनपद पंचायत अध्यक्ष पर सख्त कार्रवाई होगी?
👉 या फिर यह मामला भी प्रभाव और रसूख की भेंट चढ़ जाएगा?
जनता की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं। अब देखना यह होगा कि कानून सबके लिए समान साबित होता है या नहीं।

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