महिलाओं से अश्लील व्यवहार, सेक्स की मांग करने और निजी अंग दिखाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। आरोपी शिक्षक की हरकतों से गांव में आक्रोश का माहौल है
बलरामपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कुसमी विकासखंड के बैरडीह खुर्द से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां पदस्थ शिक्षक बीरबल यादव पर गांव की महिलाओं से अश्लील व्यवहार, सेक्स की मांग करने और निजी अंग दिखाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। आरोपी शिक्षक की हरकतों से गांव में आक्रोश का माहौल है, वहीं पूरा मामला अब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद चर्चा के केंद्र में आ गया है।

वीडियो वायरल, ग्रामीणों में गुस्सा
ग्रामीणों के मुताबिक शिक्षक की पोस्टिंग के बाद उम्मीद थी कि बच्चों की पढ़ाई में सुधार होगा। लेकिन शिक्षक शिक्षा छोड़कर कथित तौर पर आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त नजर आया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि वह कई महिलाओं को अपनी पत्नी बनाकर रखने की बात करता है। कुछ से सीधे तौर पर सेक्स की मांग कर चुका है। इस अश्लील व्यवहार से गांव की महिलाएं मानसिक रूप से परेशान हैं।
बच्चों के साथ मारपीट का भी आरोप
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आरोपी शिक्षक बच्चों के साथ मारपीट करता है, जिससे अभिभावकों में भय और नाराजगी दोनों है। शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले स्कूल में इस तरह की गतिविधियों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन हरकत में, जांच के निर्देश
मामले का वीडियो सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने संज्ञान लेते हुए कुसमी विकासखंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सवालों के घेरे में जिला शिक्षा अधिकारी
हालांकि इस घटना ने यह भी उजागर कर दिया है कि जिले की शिक्षा व्यवस्था पर नियंत्रण कमजोर होता जा रहा है। सवाल यह है कि इतनी गंभीर शिकायतें पहले क्यों नहीं सामने आईं और क्या बिना वीडियो वायरल हुए कार्रवाई संभव थी?
सवालों के घेरे में जिला शिक्षा अधिकारी
हालांकि इस घटना ने यह भी उजागर कर दिया है कि जिले की शिक्षा व्यवस्था पर नियंत्रण कमजोर होता जा रहा है। सवाल यह है कि इतनी गंभीर शिकायतें पहले क्यों नहीं सामने आईं और क्या बिना वीडियो वायरल हुए कार्रवाई संभव थी?
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि आरोपी शिक्षक पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल पूरे जिले की नजरें जांच रिपोर्ट और शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।h
