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रतनपुर में रक्षाबंधन की मिसाल: पूर्व पालिका अध्यक्ष घनश्याम रात्रे ने बंधवाई राखी, बोले- अर्चना बहन अकेली नहीं, हम हमेशा साथ हैं10 साल अध्यक्ष रहा, माताओं-बहनों की सुरक्षा मेरी पहली प्राथमिकता रही” – नगर की महिलाओं को दी शुभकामनाएं।

*रतनपुर में रक्षाबंधन की मिसाल: पूर्व पालिका अध्यक्ष घनश्याम रात्रे ने बंधवाई राखी, बोले- अर्चना बहन अकेली नहीं, हम हमेशा साथ हैं10 साल अध्यक्ष रहा, माताओं-बहनों की सुरक्षा मेरी पहली प्राथमिकता रही” – नगर की महिलाओं को दी शुभकामनाएं*

पवित्र रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर बिलासपुर जिले की ऐतिहासिक नगरी रतनपुर में भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का एक भावुक दृश्य देखने को मिला। नगर पालिका परिषद रतनपुर के पूर्व अध्यक्ष _घनश्याम रात्रे_ ने वरिष्ठ पत्रकार _अनूप चौरसिया_ के निवास पर पहुंचकर उनकी पत्नी _श्रीमती अर्चना देवी_ से राखी बंधवाई और रक्षाबंधन का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया।

यह दृश्य रक्षाबंधन के वास्तविक अर्थ – _रक्षा के संकल्प_ को चरितार्थ करता है।

*”आप कभी अकेला महसूस मत करिएगा, हम आपके भाई हैं” – घनश्याम रात्रे*
इस भावुक अवसर पर पूर्व अध्यक्ष घनश्याम रात्रे ने श्रीमती अर्चना देवी से कहा, “आप कभी यह महसूस मत करिएगा कि आपका भाई यहां नहीं है। हम आपके भाई हैं और हमेशा आपकी हर परिस्थिति में आपके साथ खड़े रहेंगे।”

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक धागा नहीं, बल्कि जीवन भर बहन की रक्षा, सम्मान और सहयोग का वचन है। श्रीमती अर्चना देवी ने पूरे विधि-विधान से तिलक लगाकर, आरती कर घनश्याम रात्रे को राखी बांधी और उनके उज्जवल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।

*”10 साल तक नगर पालिका अध्यक्ष रहा, महिलाओं की समस्या मेरी पहली प्राथमिकता रही”*
इस अवसर पर नगर और प्रदेश की समस्त महिलाओं, माता-बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए पूर्व अध्यक्ष घनश्याम रात्रे ने कहा, “पिछले 10 सालों तक मैं नगर पालिका रतनपुर का अध्यक्ष रहा हूं और हमने हमेशा ही नगर की माता-बहनों की समस्याओं को पहली प्राथमिकता देते हुए उनकी हर समस्या का समाधान किया है और हमेशा ही उनकी सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करता रहूंगा।”

उन्होंने कहा कि नगर पालिका के अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल के दौरान उन्होंने वार्डों में महिलाओं के लिए पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी। आज भी नगर की किसी भी माता-बहन को कोई समस्या होती है तो वे निसंकोच उनसे संपर्क कर सकती हैं।

*भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक बना आयोजन*
राखी बंधवाने के बाद घनश्याम रात्रे ने श्रीमती अर्चना देवी को उपहार भेंट कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान दोनों परिवारों के बीच आत्मीय वार्ता हुई। _”रतनपुर की गंगा-जमुनी संस्कृति और भाईचारे की मिसाल”_ बताया।

अंत में पूर्व अध्यक्ष ने सभी नगरवासियों से अपील की कि रक्षाबंधन के पर्व पर सभी लोग अपनी बहन-बेटियों के मान-सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लें।

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