बिलासपुर में मूसलाधार बारिश से हाहाकार: निचली बस्तियां जलमग्न, कलेक्टर संजय अग्रवाल खुद छाता लेकर सड़कों पर उतरे।
बिलासपुर में मूसलाधार बारिश से हाहाकार: निचली बस्तियां जलमग्न, कलेक्टर संजय अग्रवाल खुद छाता लेकर सड़कों पर उतरे
विजयापुरम, चांटीडीह और अशोक नगर में घुसा पानी; SDRF ने मोर्चा संभालकर दर्जनों लोगों को सुरक्षित निकाला
बिलासपुर,
जिले में बीते दो दिनों से थामे बिना हो रही मूसलाधार बारिश ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे पूरे बिलासपुर में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं। जीवनदायिनी अरपा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। वहीं, शहर के निचले इलाकों—विजयापुरम कॉलोनी, चांटीडीह, अशोकनगर और सरकंडा में स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। इन इलाकों में घुटने से लेकर कमर तक पानी भर गया है, जिससे सैकड़ों घरों में पानी घुस आया है। कई ग्रामीण और शहरी इलाकों से कच्चे मकानों के ढहने की भी दुखद खबरें सामने आ रही हैं।
ग्राउंड जीरो पर पहुंचे कलेक्टर
हालात बेकाबू होते देख जिला कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल खुद एक्शन मोड में नजर आए। वे हाथ में छाता थामे प्रशासनिक अमले के साथ प्रभावित इलाकों के दौरे पर निकले। कलेक्टर ने जलभराव वाले क्षेत्रों का पैदल मुआयना किया और बाढ़ में फंसे नागरिकों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन और SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। नावों के जरिए बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
कलेक्टर के सख्त निर्देश: ‘सर्वे में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी’
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राजस्व, नगर निगम और सभी मैदानी अधिकारियों की आपात बैठक लेकर सख्त लहजे में कहा है कि राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की कोताही अक्षम्य होगी। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड पर मुस्तैद रहने की चेतावनी दी है।
RBC 6(4) के तहत तत्काल आर्थिक सहायता देने का ऐलान
बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए कलेक्टर ने प्रभावितों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। उन्होंने राजस्व अमले को निर्देशित किया है कि:
जिन गरीब परिवारों के कच्चे मकान भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हो गए हैं, उनका मौके पर ही तुरंत सर्वे किया जाए।
सर्वे के तुरंत बाद आरबीसी 6(4) (राजस्व पुस्तक परिपत्र) के तहत तत्काल मुआवजा प्रकरण तैयार किए जाएं।
सभी पात्र परिवारों को बिना किसी कछुआ चाल या कागजी देरी के शासन की राहत राशि सीधे ट्रांसफर की जाए।

