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रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष पर साध्वी ने लगाए गंभीर आरोप: दुर्व्यवहार, धमकी और राजनीतिक संरक्षण का मामला दर्ज।

रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष पर साध्वी ने लगाए गंभीर आरोप: दुर्व्यवहार, धमकी और राजनीतिक संरक्षण का मामला दर्ज।

​बिलासपुर
​रतनपुर नगर पालिका के अध्यक्ष लवकुश कश्यप एक गंभीर विवाद के केंद्र में आ गए हैं। जूना अखाड़े की एक वरिष्ठ महिला साध्वी, साध्वी पद्मिनीपूरी राठौर ने नगर पालिका अध्यक्ष पर सार्वजनिक अपमान, दुर्व्यवहार और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने इस संबंध में बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को औपचारिक शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
​घटना का विवरण और आरोप
​साध्वी पद्मिनीपूरी राठौर ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप लंबे समय से सत्ता और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मंत्रियों का रसूख दिखाकर उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं।
​शिकायत के अनुसार, बीते 3 जून को ग्राम फुलवारीपारा स्थित भयहरण हनुमान मंदिर आश्रम में साध्वी अन्य संतों के साथ एक सामाजिक कार्यक्रम (मृत्यु भोज) में सम्मिलित थीं। आरोप है कि इसी दौरान नगर पालिका अध्यक्ष ने वहां पहुंचकर साध्वी के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उन्हें हाथ पकड़कर आश्रम से बाहर जाने के लिए मजबूर किया। जब साध्वी ने इस असंवैधानिक और अपमानजनक कृत्य का विरोध किया, तो अध्यक्ष ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
​संत समाज की गरिमा पर प्रहार
​साध्वी पद्मिनीपूरी राठौर ने इसे महज एक व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि संत समाज की गरिमा और सुरक्षा पर सीधा आघात करार दिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा:
​”आश्रम जैसे पवित्र स्थान पर नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा की गई तोड़फोड़, हस्तक्षेप और संतों के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग पूरी तरह अस्वीकार्य है। यह न केवल मेरी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि नारी सुरक्षा और धार्मिक मर्यादाओं के विरुद्ध है।”

​स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल
​पीड़िता ने रतनपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। साध्वी का आरोप है कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर इस मामले की शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन राजनीतिक प्रभाव और सत्ताधारी दल से जुड़े होने के कारण पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। स्थानीय पुलिस द्वारा मामले को दबाने और अध्यक्ष को संरक्षण दिए जाने के आरोपों के बाद, साध्वी को विवश होकर बिलासपुर एसएसपी कार्यालय का रुख करना पड़ा।
​प्रशासन का रुख
​एसएसपी कार्यालय में दर्ज कराई गई शिकायत को संज्ञान में लेते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी (ASP) को संपूर्ण घटनाक्रम की जांच करने और निष्पक्ष कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
​इस घटना के बाद से रतनपुर क्षेत्र में राजनीतिक गलियारों और संत समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब जांच की दिशा और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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