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सनातन चेतना का शंखनाद: कोरबा में शनि जयंती का भव्य आयोजन, तो बोदरी में बाबा प्रवीण भारती के प्रति उमड़ा संस्थाओं का ‘आजीवन समर्थन’।

सनातन चेतना का शंखनाद: कोरबा में शनि जयंती का भव्य आयोजन, तो बोदरी में बाबा प्रवीण भारती के प्रति उमड़ा संस्थाओं का ‘आजीवन समर्थन’
​[बोदरी/कोरबा, 17 मई 2026]
​सनातन संस्कृति की रक्षा और समाज सुधार की दिशा में आज एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा गया। एक ओर जहाँ कोरबा के सीतामढ़ी में भक्ति का सैलाब उमड़ा, वहीं दूसरी ओर बोदरी स्थित आदर्श मुक्तिधाम (काल भैरव धाम) के प्रांगण में आयोजित एक गरिमामयी बौद्धिक गोष्ठी में नागा बाबा महंत रेवती भारती जी महाराज के अनन्य सेवक बाबा प्रवीण भारती को उनके युगांतरकारी सामाजिक कार्यों के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा ‘आजीवन समर्थन’ की विधिवत घोषणा की गई।
​बोदरी: आदर्श मुक्तिधाम में बौद्धिक गोष्ठी और समर्थन का शंखनाद
​ज्ञात हो कि बोदरी स्थित आदर्श मुक्तिधाम एवं काल भैरव धाम का प्रादुर्भाव और संचालन बाबा प्रवीण भारती की पावन प्रेरणा और अनवरत मार्गदर्शन से ही संभव हुआ है। बाबा भारती यहाँ से दीर्घकाल से जुड़े हुए हैं और उनके इसी समर्पण को देखते हुए जनकल्याण पुनर्वास केंद्र (मीडिया हाउस) द्वारा एक विशेष बौद्धिक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
​ऐतिहासिक समर्थन की घोषणा: विश्व हिंदू महासभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव व मीडिया हाउस के सह-संचालक पंडित श्रवण दुबे (समुद्र शास्त्री) ने घोषणा की कि बाबा प्रवीण भारती मात्र एक संत नहीं, बल्कि सनातन के प्रचंड रक्षक हैं। इसी के दृष्टिगत विश्व हिंदू महासभा, अहिल्याबाई होलकर संस्था और जनकल्याण पुनर्वास केंद्र (बोदरी) ने उन्हें अपना आजीवन पूर्ण समर्थन समर्पित किया है।

​लक्ष्मण पाल का उद्बोधन: आदर्श मुक्तिधाम के संरक्षक एवं वरिष्ठ समाज सुधारक लक्ष्मण पाल ने बाबा प्रवीण भारती को वर्तमान समय का ‘प्रचंड समाज सुधारक’ निरूपित किया। उन्होंने कहा कि मानवता के संरक्षण हेतु बाबा भारती द्वारा प्रज्वलित की गई सेवा की यह मशाल आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करेगी। उन्होंने बाबा के उज्ज्वल भविष्य और उनकी यश-कीर्ति के लिए प्रार्थना की।
​कोरबा: शनि जयंती पर भक्ति और सेवा का महासंगम
​इसी श्रृंखला में, कोरबा के सीतामढ़ी शनि मंदिर में महंत रेवती भारती जी महाराज के सानिध्य में भव्य शनि जयंती महोत्सव और विशाल भंडारे का आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर बाबा प्रवीण भारती ने उपस्थित समस्त साधु-संतों और श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ का मंगल आशीष दिया।
​गविष्ठी यात्रा और गौ-रक्षा का संकल्प
​इस आयोजन के समानांतर, जौनपुर में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज की ‘गविष्ठी’ यात्रा के 14वें दिन गौ-रक्षा का संकल्प दोहराया गया। शंकराचार्य जी ने स्पष्ट किया कि जिसमें धर्मबुद्धि नहीं है, वह बिना सींग-पूँछ के पशु के समान है। उन्होंने 24 जुलाई को लखनऊ में एक अक्षौहिणी सेना के साथ गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कराने हेतु निर्णायक हुंकार भरी है।
​असामाजिक तत्वों और डिजिटल कुरीतियों के विरुद्ध ‘सेना’ का गठन
​बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि जो असामाजिक तत्व आश्रमों को क्षति पहुँचाने या संतों को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास करेंगे, उनके विरुद्ध ‘क्विक रिएक्शन टीम (QRT) सेना’ संवैधानिक रूप से कार्य करेगी। साथ ही, युवाओं को मोबाइल जुए और सट्टे की लत से बचाने हेतु ज्योति कुलदीप जी (मुख्य संचालिका, जंतु कल्याण पुनर्वास केंद्र) के मार्गदर्शन में वृहद् जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
​यह संपूर्ण आयोजन समाज में सनातन धर्म की प्रचंड बेला और आध्यात्मिक पुनर्जागरण का प्रतीक बनकर उभरा है।

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