पेयजल आवेदन पर विभाग का चौंकाने वाला जवाब: “डायनासोर का खजाना” लिखकर बनी चर्चा
जनदर्शन में उठी पानी की समस्या, जवाब में लापरवाही से ग्रामीणों में नाराजगी…
लैलूंगा/रायगढ़, छत्तीसगढ़। 20 अप्रैल 2026
जनसमस्या निवारण शिविर (जनदर्शन) में प्रस्तुत एक गंभीर पेयजल समस्या अब प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बनती जा रही है, ग्राम बनेकेला के निवासी कौशल पटेल द्वारा अपने घर के पास हैंडपंप खनन के लिए दिए गए आवेदन पर विभागीय जवाब में “डायनासोर का खजाना” जैसे शब्द लिखे जाने से मामला चर्चा में आ गया है।
जानकारी के अनुसार, 02 अप्रैल 2026 को तहसील लैलूंगा में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कौशल पटेल एवं उत्तम सारथी ने क्षेत्र में पेयजल संकट को देखते हुए हैंडपंप खनन की मांग की थी, ग्रामीणों ने बताया कि गांव में गर्मी के मौसम में पानी की भारी किल्लत हो जाती है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
हालांकि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, रायगढ़ के कार्यपालन अभियंता कार्यालय से जारी पत्र में आवेदन के विषय के स्थान पर “डायनासोर का खजाना” उल्लेखित कर दिया गया, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं, इसे टाइपिंग त्रुटि माना जा रहा है, लेकिन इस प्रकार की चूक ने प्रशासन की गंभीरता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
विभाग ने अपने जवाब में यह भी कहा है कि ग्राम में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल योजना प्रगतिरत है, इसलिए अतिरिक्त नलकूप की आवश्यकता नहीं है, इसके विपरीत ग्रामीणों का कहना है कि योजना अभी धरातल पर पूरी तरह लागू नहीं हुई है और नल कनेक्शन होने के बावजूद नियमित जल आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक योजना पूर्ण रूप से क्रियान्वित नहीं हो जाती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में हैंडपंप की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, साथ ही, संबंधित अधिकारियों की लापरवाही की जांच कर उचित कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई है।
जनता का कहना है कि उन्हें राहत चाहिए, न कि ऐसी त्रुटियां जो उनकी समस्याओं को हल्का बनाकर प्रस्तुत करें।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाता है और प्रभावित ग्रामीणों को कब तक राहत मिलती है।


