शतचंडी महायज्ञ में अंतर्राष्ट्रीय तपस्वी उर्ध्वबाहू राधे पुरी जी महाराज श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा बने दिव्या आयोजन का प्रमुख केंद्र, क्षेत्रीय रहवासियों व भक्तों को दिए दिव्य दर्शन

-छत्तीस गढ़/बिलासपुर/चक्रभाठ। श्री हाई कोर्ट हनुमान , मां अनुसूया धाम में मानव कल्याण हेतु नौ कुंडिय शतचंडी महायज्ञ एवं श्री मद देवी भागवत कथा का भव्य शोभा यात्रा द्वारा हुआ आगाज।

 

सामाजिक अध्यात्म की अविरल धारा प्रवाह तत्वाधान में संत समागम के अवसर पर शोभा यात्रा,व भजन कीर्तन के बाद समापन दिव्या प्रसादी के साथ साधु संत ने दिया आशीर्वाद।

अंतर्राष्ट्रीय अष्ट कौशल महंत शंभूपुरी जी के श्री पंच दश नाम जूना अखाड़ा के तत्वाधान मे उनके कृपा पात्र शिष्य श्री चाणक्य चैतन्यपुरी सर्किट पुरी बाबा , तपस्वी उर्ध्वहू राधे पुरी जी महाराजर, मुकुंद पूरी,रविन्द्र पूरी, प्रेम गिरी, गोपाल गिरी मा अनसुईया आश्रम चकरभाटा, छत्तीस गढ़ बिलासपुर से सनातनी भक्तों के साथ पहुंचकर सभी साधुसतों का भव्य दिव्य शोभा यात्रा के द्वारा विश्व विख्यात,अंतर्राष्ट्रीय तपस्वी उर्ध्हूबाहु राधे पुरी  जी महाराज ने आयोजित महायज्ञ में आम जनमानस को दिव्य दर्शन के साथ विश्व शांति की कामना की। उनके दर्शन हेतु भारी संख्या में दर्शनार्थी  को आशीर्वाद  देते दिए दिव्य दर्शन ।

जन कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस बोदरी तहसील अंतर्गत वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ/आखिल भारतीय हिंदूराष्ट्र निर्माण सेना,संरक्षक अध्यक्ष संस्कृति प्रकोष्ठ पंडित श्रवण कुमार दुबे समुद्रशास्त्री द्वारा भव्य दिव्य संत समागम पर सभी संतो को अभिवादन किया, इस अनमोल क्षण को मीडिया कवरिंग करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।
इस पल पर सभी आयोजन करता उपस्थित भक्तगण को भी साधु संतों धार्मिक आयोजन के माध्यम मीडिया कवरेज के माध्यम से कहा कि वर्तमान समय में सरकार के द्वारा संवैधानिक रूप से नवनियुक्त सदस्यों एवं पदाधिकारीयो के द्वारा संवैधानिक कार्यों के साथ समाज में बढ़ते हुए विधर्मी, असामाजिक तत्व के ऊपर संवैधानिक रूप से रोक लगाने का कार्य भी करेगी ।
जिससे गौ माता गौ रक्षा प्रकोष्ठ ,महिला सुरक्षा हेतु महिला प्रकोष्ठ, मीडिया कर्मियों के सुरक्षा हेतु मीडिया प्रकोष्ठ ,भूतपूर्व सैनिक के कल्याण हेतु सैनिक प्रकोष्ठ, संवैधानिक रूप से छत्तीसगढ़ राज्य के साथ संपूर्ण भारत और बेहतर बनाने के लिए सभी हिंदू आम

जनमानस के जीवन को मजबूती हेतु मुख्य धारा प्रवाह से जोड़ने की बात कही। कि विधर्मी से हमारे संस्कृति सनातन का दोहन रोकने का हर संभव प्रयास करेगी व हिंदू राष्ट्र निर्माण को लेकर अपनी आवाज प्रत्येक जिले प्रत्येक ग्राम प्रत्येक पंचायत स्तर तक आवाज उठाएगी। सभी हिंदू समाज को मजबूत करने हेतु भारत सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार करते हुए अखंड हिंदू राष्ट्र की आवाज को मजबूत करेगी। कार्यक्रम में पंडित श्रवण दुबे समुद्र शास्त्री ने अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र निर्माण सेना बिलासपुर छत्तीसगढ़ के नव नियुक्त पदाधिकारीयो की घोषणा के साथ बौद्धिक योगी गोष्ठी कार्यक्रम में सभी हिन्दुसमाज को मुख्य धारा प्रवाह से जोड़ने का आवाहन किया । समुद्र शास्त्री के माध्यम से _*आज का दिन केवल एक नव वर्ष ही नहीं, बल्कि सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी का ध्वज फहराने का दिन भी है 🚩।*_

मान्यताओं के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को जब ब्रह्मा जी ने इस सृष्टि की रचना की थी, तब जो विजय पताका फहराई गई, वही आज ‘गुड़ी’ (ब्रह्मा ध्वज) के नाम से पूरे देश में फहरती है।

सनातन धर्म का एक त्योहार, अनेक रूप, एक ही आत्मा को देखा जाये ..

महाराष्ट्र ( और उससे सटे क्षेत्रों में ) में ‘गुड़ी पड़वा’ ब्रह्मा ध्वज को ऊंचे बांस पर चढ़ाकर सृजन की ऊर्जा का स्वागत। साथ में पुरण पोली की मिठास फैलती है ।

सिंध में ‘चेटीचंड’ के रूप में ..झूलेलाल के जन्म और सिंधु सभ्यता के गौरव का प्रतीक। यहाँ भी वही ब्रह्मा ध्वज की भावना, ‘तैरी’ (मीठे चावल) के भोग के साथ।

आंध्र-तेलंगाना-कर्नाटक में ‘उगादि’ के रूप में ..ब्रह्मा जी द्वारा रचित इस नए साल का पंचांग पढ़ा जाता है। ( पंचांग श्रवण मुख्य है ) उगादि पचड़ी के छह रस हमें जीवन का दर्शन कराते हैं । मीठा, खट्टा, कड़वा, तीखा, कसैला, नमकीन।

उत्तर भारत में ‘चैत्र नवरात्रि’ के रूप में , नौ दिनों की आराधना, कलश स्थापना। यह कलश भी उसी ब्रह्मा ध्वज (गुड़ी) के कलश का प्रतीक है।

यह विविधता ही हमारी पहचान है, और यह एकता हमारी शक्ति।

संस्था, ने भी छत्तीसगढ़ राज्य की कार्यकारिणी को मजबूत करते हुऐ सभी आम जनमानस को विशेष बधाई के पश्चात बौद्धिक व यौगिक गोष्ठी कार्यक्रम में वर्तमान समय पर शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा कुरीतियों पर रोक, गौ माता गौशालाओं के विकास एवम हिंदू राष्ट्र निर्माण के बनने हेतु संविधान के मजबूती हेतु चर्चा परीचर्चा हुई जिसमे सभी को इस मौके पर विशेष शुभकामनाएं बधाई दी । अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक श्री १००८हिमा नन्द सरस्वती जी महाराज आन लाइन/ आफ लाइन के द्वारा अष्ट कौशल महंत शंभूपुरी जी के कृपा पात्र शिष्य श्री चाणक्य चैतन्यपुरी सर्किट पुरी  हरिद्वार महाकाल आश्रम आने का निमंत्रण भी दिया।
साधु संत मंडल छत्तीसगढ़ संगठन संस्थापक संरक्षक नियुक्त राष्ट्रीय संरक्षक अष्ट कौशल महंत शंभूपुरी जी के कृपा पात्र शिष्य श्री चाणक्य चैतन्यपुरी सर्किट पुरी बहुत-बहुत बधाई शुभकामनाएं दिया इस पावन अवसर पर पंडित श्रवण दुबे समुद्र शास्त्री संस्कृति प्रकोष्ठ सहित सभी संत समागम में उपस्थित साधु संतों को को विशेष बधाई दी ।

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