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पूज्यपाद ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज संगरक्षक विश्व हिंदू महासभा धर्म युद्ध शंखनाद के उपलक्ष में समस्त भारत पर प्रवास के दौरान नगर परिषद बोदरी में करेंगे परशुराम भवन प्रांगण में धर्म युद्ध का शंखनाद।

 

नगर परिषद बोदरी में आज जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरआनंद का आगमन

परशुराम भवन के उद्घाटन के उपलक्ष में साधु संत के साथ नगर के आम जनमानस में उत्साह एवं हर्षोल्लास का माहौल
ऑपरेशन स्तर से शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज कार्यक्रम की शुरुआत चल रही है नगर परिषद के आल्हा अधिकारी रहे मौजूद।
इस बीच मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार आर जे राम, अमर स्तंभ,राष्ट्रीय संयुक्त सचिव समुद्र शास्त्री विश्व हिंदू महासभा ने जानकारी देते कहा कि

देश के किस राजनैतिक दल के सक्रिय सदस्य हैं❗️
पूज्य दण्डी संन्यासी, स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज ❓️

2005–06 में जब उन्होंने माँ गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए सम्पूर्ण गंगा पदयात्रा प्रारम्भ की और गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित कराने का आंदोलन चलाया, तब तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय उन्हें “भाजपाई” कह दिया गया।

2007–08 में जब काशी में मंदिर तोड़े जाने की खबर पर वे प्रशासन से टकरा गए, तब बसपा सरकार के समय उन्हें कभी “भाजपाई” तो कभी “सपाई” घोषित किया गया।

2015 में काशी में गणेश प्रतिमा के अपमान के विरोध में जब उन्होंने अपने शिष्यों के साथ आंदोलन किया और लाठियाँ खाईं, तब सपा सरकार के समय उन्हें “भाजपाई नेता” कहा जाने लगा।

2019–20 में जब काशी में मंदिरों को तोड़े जाने के विरोध में उन्होंने भीषण गर्मी में देवालयों की रक्षा के लिए सम्पूर्ण काशी की नंगे पाँव पदयात्रा की, तब भाजपा सरकार के समय उन्हें “कांग्रेसी नेता” बताया गया।

2022 में छत्तीसगढ़ के कवर्धा में भगवा ध्वज के अपमान के विरोध में जब उन्होंने लगभग एक लाख सनातनियों के साथ 108 फीट ऊँचे स्तम्भ पर विशाल भगवा ध्वज फहराया, तब वहाँ की कांग्रेस सरकार ने उन्हें “भाजपाई नेता” के रूप में प्रचारित किया।

और जब उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि प्रकरण में न्यायालय में शास्त्रीय प्रमाणों के आधार पर भगवान श्रीराम के पक्ष में गवाही दी, तब कुछ लोग उस धर्मयुद्ध की पीड़ा को भुलाकर केवल श्रेय लेने पहुँच गए।

और आज 👉
जब वही संन्यासी सनातन धर्मशास्त्रों में वर्णित गौमाता को “गौ-राष्ट्र माता” का दर्जा देने तथा देश में पूर्ण गौ-हत्या निषेध की आवाज़ बुलंद कर रहे हैं, तो वर्तमान सत्ता के कुछ समर्थकों की दृष्टि में भी वे अचानक “विपक्षी नेता” बन बैठे हैं।

अब प्रश्न यह है 👉
जो संन्यासी हर सरकार के समय धर्म, गंगा और देवालयों की रक्षा के लिए खड़ा हुआ,वह आखिर किस दल का नेता है?

या फिर सत्य यह है कि 👉
जो धर्म की बात करता है, उसे हर सत्ता अपने विरोधी दल का आदमी घोषित कर देती है।

संन्यासी को राजनीति में घसीटना बहुत आसान है, पर धर्म की रक्षा के लिए सत्ता से टकराने का साहस सबमें नहीं होता।

इसलिए ज़रा ठहरकर सोचिए 👉
दोष उस संन्यासी का है, या उस व्यवस्था का जो हर धर्मस्वर को राजनीति के चश्मे से ही देखने की अभ्यस्त हो चुकी है।

और अंत में हम सबके लिए एक प्रश्न👉
क्या हम आने वाली धर्मनिष्ठ पीढ़ी को इसका उत्तर दे पाएँगे❓️
या फिर धर्म की आवाज़ भी राजनीति के शोर में दबा दी जाएगी❓️

उपस्थित सभी आम जनमानस के बीच बौद्धिक गोष्ठी कार्यक्रम में स्वागत कार्यक्रम में सभी आम जनमानस साधु संत पत्रकार सभी वर्गों को किया आवाहन
लक्ष्मण पाल विश्व हिंदू महासभा नवनीत छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष ने इस बीच की गोष्ठी के दौरान चर्चासीधा और कड़ा प्रहार (क्रांतिकारी अंदाज़ )


“सिंहासन डोल रहा है, अब जनता की बारी है। कागजी कानूनों के ढेर में दबा हुआ किसान, बेरोजगार युवा और संघर्ष करता ब्राह्मण समाज अब अपना हक पहचान चुका है। रोटी, कपड़ा और रोजगार के बिना हर वादा अधूरा है। अब बदलाव की हुंकार गूँजेगी! ✊🔥”

(भावुक और गंभीर)

“खेतों में सन्नाटा, हाथों में डिग्री और मन में अपमान… आखिर कब तक? नया विधान तो आ गया, पर आम आदमी की थाली अब भी खाली है। जब तक हर वर्ग को न्याय नहीं मिलेगा, यह संघर्ष थमेगा नहीं। इंकलाब की मशाल जल चुकी है! 🚩🌾”

“सत्ता की चकाचौंध बनाम जनता की बदहाली। किसान, बेरोजगार और हर उपेक्षित वर्ग अब एक साथ है। रोटी और रोजगार पर बात करो, वरना इतिहास बदलने की तैयारी कर रहे हैं।

कार्यक्रम समापन में नगर परिषद बोदरी सभापति विजय वर्मा, अभिषेक दुबे पूर्व युवाध्यक्ष ने कार्यक्रम की जानकारी दी
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के तत्वदान में धर्म चिंतन गोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित किया है

lपरशुराम भवन में सभी धर्म प्रेमी वहां पहुंचे वहां पर धर्म पद के सर्वोत्तम पद शंकराचार्य भगवान का आज चरण पादुका पूजन पत्रकार प्रेस विज्ञप्ति के साथ उनका सत्संग भाव सुनने को मिलेंगे समुद्र शास्त्री धर्म युद्ध के द्वारा आज धर्म गोष्ठी में अधर्म के खिलाफ गरजेंगे।

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