नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में रमाशंकर अनंत को आजीवन सश्रम कारावास विशेष लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी से पीड़िता को मिला न्याय
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में रमाशंकर अनंत को आजीवन सश्रम कारावास
विशेष लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी से पीड़िता को मिला न्याय
मुंगेली।
जिला एवं सत्र न्यायालय मुंगेली में नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर प्रकरण में माननीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) ने आरोपी रमाशंकर अनंत को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास एवं ₹4,000 के अर्थदंड से दंडित किया है। यह निर्णय 13 जनवरी 2026 को पारित किया गया।

प्रकरण थाना सिटी कोतवाली, मुंगेली अंतर्गत दर्ज किया गया था। पीड़िता की माता द्वारा थाना में उपस्थित होकर लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें बताया गया कि उनकी नाबालिग पुत्री मानसिक रूप से कमजोर है तथा स्पष्ट रूप से बोल नहीं पाती।
आवेदन के अनुसार पीड़िता ग्राम गुरुवइनडबरी की निवासी है और घटना के समय वह अपनी बड़ी बहन के घर गई हुई थी। वहां से वापस लौटते समय रात्रि में आरोपी रमाशंकर अनंत द्वारा नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया।
घटना की रिपोर्ट पर पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई तथा साक्ष्य संकलन उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान शासन पक्ष की ओर से पीड़िता एवं उसके परिजनों के कथन न्यायालय के समक्ष कराए गए।
सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के परीक्षण के पश्चात न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। शासन की ओर से इस प्रकरण में लोक अभियोजक श्री रजनीकांत सिंह ठाकुर एवं विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) श्री मोतीलाल साहू द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। प्रकरण की पैरवी को मुंगेली के विशेष लोक अभियोजक (एनडीपीएस/एससी-एसटी) श्री प्रकाश गंधर्व द्वारा भी समर्थन प्रदान करते हुवे बधाई दिया गया।
न्यायालय के इस फैसले से पीड़िता एवं उसके परिवार को न्याय मिला है तथा समाज में नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर सख्त संदेश गया है।
