धान खरीदी में ‘डिजिटल भ्रष्टाचार’ का बोलबाला, किसान टूटने की कगार पर 20 दिसंबर का वादा टूटा, 22 को सड़कों पर उतरेगा किसान
**धान खरीदी में ‘डिजिटल भ्रष्टाचार’ का बोलबाला, किसान टूटने की कगार पर
20 दिसंबर का वादा टूटा, 22 को सड़कों पर उतरेगा किसान**
मुंगेली से जियउद्दीन खान की रिपोर्ट


मुंगेली | विशेष रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ सरकार की बहुचर्चित धान खरीदी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिला मुंगेली के खुड़िया धान उपार्जन केंद्र सहित कई खरीदी केंद्रों पर किसानों के साथ हो रहे कथित शोषण, अवैध वसूली और तकनीकी अव्यवस्था ने सरकार के “किसान हितैषी” दावों की पोल खोल दी है।
एग्री पोर्टल और प्रो-टोकन सिस्टम किसानों के लिए सुविधा नहीं बल्कि अब अभिशाप बन चुका है। टोकन नहीं कटने, पंजीयन फेल होने और मनमाने नियमों के कारण सैकड़ों किसान धान लेकर केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
20 दिसंबर तक समाधान का भरोसा, लेकिन जमीन पर शून्य
जिला किसान कांग्रेस कमेटी मुंगेली ने 10 दिसंबर 2025 को कलेक्टर मुंगेली को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी थी कि यदि 20 दिसंबर तक समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया, जांच टीम भेजी—लेकिन परिणाम शून्य रहा।


आज 20 दिसंबर बीत जाने के बाद भी—
अवैध हमाली वसूली ₹5 से ₹10 प्रति बोरी जारी है
40.700 किलो की जगह 41.5 से 42 किलो तौल ली जा रही है
किसान टोकन के लिए ऑनलाइन सिस्टम से जूझ रहा है
वंचित किसान (पट्टाधारक, पूर्व सैनिक) व्यवस्था से बाहर हैं
“यह लापरवाही नहीं, सुनियोजित शोषण है” — किसान कांग्रेस
जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष रामप्रकाश यादव ने दो टूक कहा—
“यह सिर्फ तकनीकी खामी नहीं, बल्कि किसानों के आर्थिक शोषण की सुनियोजित व्यवस्था बन चुकी है। सरकार डिजिटल सिस्टम की आड़ में किसानों की जेब काट रही है।”
उन्होंने बताया कि टोकन नहीं मिलने की वजह से कई किसान मानसिक तनाव में हैं। एक मामले में तो टोकन न मिलने पर आत्महत्या के प्रयास जैसी गंभीर स्थिति भी सामने आई, जो पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
22 दिसंबर को खुड़िया में किसान सत्याग्रह
किसानों के आक्रोश को देखते हुए किसान कांग्रेस ने ऐलान किया है कि—
📍 22 दिसंबर 2025
🕚 सुबह 11 बजे से
📌 खुड़िया धान उपार्जन केंद्र
पर शांतिपूर्ण किसान सत्याग्रह किया जाएगा। इसमें जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, किसान कांग्रेस और सैकड़ों किसान शामिल होंगे।
किसान कांग्रेस की निर्णायक मांगें
एग्री पोर्टल को तत्काल बंद कर पुरानी सरल धान खरीदी व्यवस्था लागू की जाए
किसानों को तीन टोकन की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए
हमाली के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर तुरंत रोक और दोषियों पर एफआईआर
मानक तौल 40.700 किलो अनिवार्य की जाए
वंचित किसानों के लिए मैन्युअल/वैकल्पिक पंजीयन शुरू हो
प्रतिदिन धान खरीदी की सीमा बढ़ाई जाए
पूरे प्रदेश में आंदोलन की चेतावनी
किसान कांग्रेस ने साफ चेताया है कि यदि सरकार और प्रशासन ने अब भी आंखें मूंदे रखीं, तो यह आंदोलन सिर्फ मुंगेली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम तक की स्थिति बनेगी।
“इसके बाद की हर स्थिति की जिम्मेदारी पूरी तरह शासन और प्रशासन की होगी।”
