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मां अनुसूया आश्रम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब: नर्मदेश्वर महादेव का अलौकिक ‘तिरंगा श्रृंगार’ बना मुख्य आकर्षण।

मां अनुसूया आश्रम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब: नर्मदेश्वर महादेव का अलौकिक ‘तिरंगा श्रृंगार’ बना मुख्य आकर्षण
* तीसरे सावन सोमवार एवं नाग पंचमी के दुर्लभ संयोग पर आयोजित हुआ भव्य दिव्य आध्यात्मिक महोत्सव
* वैदिक मंत्रोच्चार व जयघोष के बीच ध्वजारोहण; संध्याकालीन रामायण पाठ व विशाल भंडारे में उमड़े हज़ारों श्रद्धालु
बिलासपुर (छत्तीसगढ़):
चकरभाठा स्थित प्रसिद्ध पौराणिक एवं आध्यात्मिक केंद्र मां अनुसूया आश्रम में तीसरे सावन सोमवार तथा नाग पंचमी का पावन पर्व अत्यंत गरिमामय, भक्तिमय एवं हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस दोहरे शुभ संयोग पर तड़के से ही आश्रम परिसर में दर्शन-पूजन एवं जलाभिषेक हेतु श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।


कार्यक्रम का शुभारंभ आश्रम परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयघोष के बीच विधिवत ध्वजारोहण के साथ हुआ। तत्पश्चात आश्रम के महंत भोलापुरी महाराज द्वारा स्वयंभू नर्मदेश्वर महादेव का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के रूप में अलौकिक श्रृंगार एवं विशेष पूजन-अर्चन किया गया। महादेव का यह दिव्य एवं राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत स्वरूप उपस्थित श्रद्धालुओं के मध्य अगाध श्रद्धा और विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।
संवैधानिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का अलौकिक संगम
समारोह को संबोधित करते हुए आश्रम के पूज्य बाबाजी रविंद्रपुरी महाराज ने समूचे क्षेत्रवासियों को नाग पंचमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आध्यात्मिक और संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लेख करते हुए कहा:
“स्वतंत्रता दिवस के पावन आयोजन के उपरांत पड़ा यह पर्व राष्ट्रीय चेतना और सनातन आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। मां अनुसूया आश्रम में सभी पर्व संवैधानिक मूल्यों, राष्ट्रभक्ति और धार्मिक मर्यादाओं के साथ मनाए जाते हैं। यह आयोजन हमें देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा का संकल्प दिलाता है।”

परम पूज्य बाबाजी महाराज को नमन एवं महाआरती
आयोजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय श्री महंत एवं मां अनुसूया आश्रम के संस्थापक व मुख्य संरक्षक परम पूज्य बाबाजी श्री अष्टकौशल शंभूपुरी महाराज का स्मरण किया गया। बाबाजी महाराज वर्तमान में लखनऊ स्थित प्रसिद्ध लंबेश्वर महादेव मंदिर में विराजमान हैं। सभी संतों और श्रद्धालुओं ने उनके दिव्य आशीर्वाद, अतुलनीय योगदान एवं राष्ट्र-कल्याणकारी संकल्पों को याद करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु व निरंतर मार्गदर्शन की कामना की और उन्हें बारंबार भावपूर्ण नमन किया।

इसके पश्चात आश्रम परिसर स्थित नर्मदेश्वर महादेव, श्री हाईकोर्ट हनुमान जी एवं श्री सिद्ध शनि देव महाराज की विशेष महाआरती उतारी गई तथा विश्व शांति, समृद्धि एवं जन-कल्याण की प्रार्थना की गई।
संगीतमय रामायण पाठ एवं विशाल महाप्रसाद
इसी क्रम में संध्या काल में आश्रम परिसर में भव्य संगीतमय रामायण पाठ का आयोजन किया गया। इसमें बसंत अवस्थी, प्रमोद शुक्ला, समुद्र शास्त्री सहित अनेक गणमान्य नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने प्रभु श्री राम की भक्ति में लीन होकर रामायण के पावन प्रसंगों का भावविभोर होकर रसास्वादन किया।
सभी धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णाहूति के उपरांत आश्रम द्वारा विशाल महाप्रसाद (भंडारे) का वितरण किया गया। सुबह से प्रारंभ हुआ प्रसाद वितरण देर शाम तक अनवरत चलता रहा, जहाँ हज़ारों की संख्या में पहुँचे श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिकों ने कतारबद्ध होकर अनुशासित रूप से महाप्रसाद ग्रहण किया।

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