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बोदरी में ‘सुशासन तिहार’ का भव्य आयोजन: जनहित के कार्यों का संपादन और शीर्ष व्यक्तित्वों के मध्य ऐतिहासिक संवाद।

  •  बोदरी में ‘सुशासन तिहार’ का भव्य आयोजन: जनहित के कार्यों का संपादन और शीर्ष व्यक्तित्वों के मध्य ऐतिहासिक संवाद

    ​वरिष्ठ पत्रकार श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ और नगर परिषद के सशक्त स्तंभ विजय भासे के मध्य हुई गरिमामयी शिष्टाचार भेंट; आपसी आदर और विकास पर हुई सकारात्मक चर्चा
    ​बिलासपुर/बोदरी।


नगर परिषद बोदरी क्षेत्र में आज राज्य शासन की मंशानुरूप जन-कल्याण को समर्पित ‘सुशासन तिहार’ शिविर का भव्य एवं गरिमामयी आयोजन किया गया। यह शिविर प्रशासनिक मुस्तैदी और सांगठनिक समन्वय की एक अनूठी मिसाल बना, जहाँ एक ही छत के नीचे सैकड़ों नागरिकों को शासन की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं से सीधे लाभान्वित किया गया।


​निष्पक्ष पत्रकारिता और सजग जन-नेतृत्व का अनूठा संगम
​चूँकि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर निष्पक्षता से कार्य करती है, इसी गौरवशाली परंपरा का जीवंत रूप आज शिविर में देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान ‘जन कल्याण पुनर्वास केंद्र समाचार प्रतिष्ठान’ बोदरी के प्रमुख एवं प्रख्यात वरिष्ठ पत्रकार श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ ने जब शासकीय कार्यवाहियों का जमीनी अवलोकन किया, तब वहाँ केवल जनसेवा और सुशासन का माहौल दिख रहा था।
​इसी सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच, नगरसेवक, पार्षद एवं नगर परिषद बोदरी के अध्यक्ष पति विजय भासे और वरिष्ठ पत्रकार ‘समुद्र शास्त्री’ के मध्य एक अत्यंत गरिमामयी एवं ऐतिहासिक शिष्टाचार भेंट हुई।
​इस मुलाकात के दौरान विजय भासे ने पत्रकारिता जगत में ‘समुद्र शास्त्री’ के लंबे अनुभव, उनकी निष्पक्ष लेखनी और समाज को सही दिशा देने के उनके महती प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की। भासे ने अत्यंत आदरपूर्वक वरिष्ठ पत्रकार ‘समुद्र शास्त्री’ का मान-सम्मान बढ़ाते हुए कहा:

​”पत्रकारिता समाज का दर्पण होती है, और समुद्र शास्त्री जैसे वरिष्ठ व निष्पक्ष पत्रकारों का मार्गदर्शन बोदरी नगर परिषद के विकास के लिए अमूल्य है। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों पर एक सजग पत्रकार की सकारात्मक दृष्टि हमेशा हमारा संबल बढ़ाती है।”
​वरिष्ठ पत्रकार ‘समुद्र शास्त्री’ ने भी विजय भासे के इस बड़प्पन, उनकी मिलनसारिता और बोदरी के विकास के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का सम्मान किया। दोनों प्रबुद्ध व्यक्तित्वों के बीच हुई इस सकारात्मक वैचारिक चर्चा और आपसी आदर-भाव ने पूरे ‘सुशासन तिहार’ शिविर में गरिमा की एक नई मिसाल पेश की, जिसकी वहाँ उपस्थित हर नागरिक ने सराहना की।
​शिविर के सफल संपादन में महिला नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका
​इस ‘सुशासन तिहार’ शिविर को सुचारू, व्यवस्थित और सफल बनाने में भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यकारिणी सदस्य ज्योति कुलदीप और पूर्व महिला मोर्चा महामंत्री दुर्गा कौशिक ने अग्रिम मोर्चे पर रहकर अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन कर्मठ महिला नेत्रियों ने शिविर में पहुंचे दूर-दराज के हितग्राहियों की समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने आवेदकों के राशन कार्ड प्रपत्र भरवाने सहित अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को त्वरित गति प्रदान की, जिससे अंतिम छोर के आम नागरिकों को समय पर आवश्यक शासकीय लाभ मिल सके।

संवेदनशीलता और जन-कर्तव्य की अनूठी मिसाल


​शिविर के दौरान एक अत्यंत दुखद मोड़ तब आया जब उपस्थित जनसमुदाय को क्षेत्रीय विधायक धर्मलाल कौशिक के निज सचिव के पूजनीय पिता के आकस्मिक निधन की शोक संतप्त सूचना प्राप्त हुई। इस अप्रत्याशित और भावुक क्षण में संवेदनशीलता और जन-कर्तव्य का परिचय देते हुए पूर्व मंडल अध्यक्ष दिनेश पांडे ने तत्परता से कमान संभाली। उन्होंने शिविर की निरंतरता को प्रभावित न होने देते हुए जनहित को सर्वोपरि रखा और स्वयं मंच पर उपस्थित होकर शेष राशन कार्डों का वितरण पूर्ण आत्मीयता से संपन्न कराया, जिसकी उपस्थित जनता द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की गई।

​निष्कर्ष: कुल मिलाकर आज बोदरी का यह शिविर केवल कागजी प्रक्रियाओं का केंद्र नहीं, बल्कि सुशासन की उस महान अवधारणा का सजीव रूप था, जहाँ प्रशासन, संगठन और निष्पक्ष पत्रकारिता एक साथ मिलकर जनता के उत्थान के लिए खड़े नजर आए।

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