सोशल मीडिया के जाल में फंसाकर अमानवीय कृत्य, इंस्टाग्राम पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर जेल।
सोशल मीडिया के जाल में फंसाकर अमानवीय कृत्य, इंस्टाग्राम पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा।
(छत्तीसगढ़):
छत्तीसगढ़ शासन की महिला सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस (शून्य सहिष्णुता) की नीति और ‘सुशासन’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए सक्ती जिला पुलिस प्रशासन ने एक अत्यंत संवेदनशील आपराधिक मामले में त्वरित विधिक सफलता अर्जित की है। इंस्टाग्राम (Instagram) के माध्यम से एक युवती को अपने जाल में फंसाकर, विवाह का मिथ्या प्रलोभन देकर जबरन शारीरिक शोषण करने और देश के विभिन्न राज्यों में बंधक बनाकर प्रताड़ित करने वाले शातिर आरोपी को मालखरौदा पुलिस ने साइबर सेल की तकनीकी मदद से सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
डिजिटल संपर्क से शुरू हुआ गंभीर अपराध का घटनाक्रम
प्राप्त विधिक और आधिकारिक विवरण के अनुसार, प्रार्थिया ने थाना मालखरौदा उपस्थित आकर लिखित आवेदन के माध्यम से एक अत्यंत वीभत्स और अमानवीय घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार, आरोपी राकेश टंडन से उसका संपर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से हुआ था। आरोपी ने एक कूटनीतिक षड्यंत्र के तहत पीड़िता का विश्वास जीता और उसे ‘मिशन चौक’ बुलाया। वहाँ से उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर एक एकांत व सुनसान स्थान पर ले गया, जहाँ आरोपी ने पीड़िता और उसके परिजनों को जान से मारने की गंभीर धमकी देते हुए उसके साथ जबरन अनाचार (बलात्कार) किया।
सक्ती-मालखरौदा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त विधिक नाकेबंदी के कारण ही इस फरार आरोपी को समय रहते घेराबंदी कर दबोचा जा सका। अपराध को छुपाने और विधिक अनुसंधान को भटकाने के उद्देश्य से आरोपी ने पीड़िता का सिम कार्ड रास्ते में ही तोड़कर नष्ट कर दिया था, जो कि विधिक रूप से साक्ष्यों को मिटाने का एक गंभीर प्रयास है। इसके पश्चात, आरोपी पीड़िता को बिलासपुर से गोंदिया और वहां से महाराष्ट्र के कराड मलकापुर ले गया। वहाँ एक अज्ञात मकान में बंधक बनाकर, डरा-धमकाकर लगातार पीड़िता के संवैधानिक व मानवीय अधिकारों का हनन करते हुए उसका शारीरिक शोषण किया गया।
आरोपी की पहचान और विधिक धाराओं के तहत त्वरित कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता की गरिमा को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपी की अविलंब गिरफ्तारी के सख्त निर्देश जारी किए गए थे। आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। मालखरौदा थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जैसे ही सूचना मिली कि आरोपी अपने पैतृक निवास आया हुआ है, पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी राकेश टंडन (पिता सुखसागर टंडन, उम्र 26 साल, निवासी थेम्हापारा, चौकी मल्हार, थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर) को अपनी विधिक अभिरक्षा में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद पुलिस ने स्थापित विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार किया और माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड (Judicial Remand) पर जेल भेज दिया है।
सजग पत्रकारों और प्रबुद्ध समाज ने जताई चिंता, पुलिसिया मुस्तैदी को सराहा
इस गंभीर मामले पर बिलासपुर और सक्ती संभाग के सजग पत्रकारों और प्रबुद्ध नागरिकों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। वरिष्ठ पत्रकारों ने रेखांकित किया कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक, विशेषकर महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन का मौलिक अधिकार देता है। सोशल मीडिया के माध्यम से पनप रहे इस प्रकार के संगठित और अमानवीय अपराधों के खिलाफ अफ़सरशाही और पुलिस तंत्र की ऐसी त्वरित, निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई ही ‘सुशासन’ की वास्तविक आधारशिला है।
इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने प्रेस और मीडिया के माध्यम से आम नागरिकों और युवाओं से यह वैधानिक अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अपरिचित व्यक्तियों से दूरी बनाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या प्रताड़ना की स्थिति में बिना डरे तत्काल निकटतम थाने में विधिक शिकायत दर्ज कराएं ताकि अपराधियों पर समय रहते नकेल कसी जा सके।
