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न्याय की महाविजय: सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा शंकराचार्य जी का सम्मान, छत्तीसगढ़ इकाई ने दी ऐतिहासिक जीत की जानकारी।

न्याय की महाविजय: सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा शंकराचार्य जी का सम्मान, छत्तीसगढ़ इकाई ने दी ऐतिहासिक जीत की जानकारी
​बिलासपुर/बोदरी
समुद्र शास्त्री दैनिक (अमर स्तंभ) न्यूज
भारत के आध्यात्मिक गौरव और न्याय प्रणाली के लिए आज का दिन स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा। विश्व हिंदू महासभा की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा साझा की गई महत्वपूर्ण जानकारी के अनुसार, माननीय उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी और उनके शिष्य मुकुंदानंद की अग्रिम जमानत को सुरक्षित रखते हुए विरोधियों के समस्त षड्यंत्रों को ध्वस्त कर दिया है। न्यायालय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय के विरुद्ध दायर याचिका को पूर्णतः आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया है।
​लक्ष्मण पाल एवं समुद्र शास्त्री ने किया खुशी का इजहार
​सुप्रीम कोर्ट के इस गौरवपूर्ण फैसले पर विश्व हिंदू महासभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष श्री लक्ष्मण पाल ने गहरा हर्ष व्यक्त किया है।
​श्री लक्ष्मण पाल (प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़) ने इस ऐतिहासिक निर्णय का अभिनंदन करते हुए कहा कि, “न्याय की इस जीत ने सिद्ध कर दिया है कि सनातन धर्म के रक्षकों के विरुद्ध की गई हर दुर्भावनापूर्ण कार्यवाही विफल होगी। छत्तीसगढ़ की पूरी इकाई आज इस विजय पर गर्व महसूस कर रही है”।
​पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ (राष्ट्रीय संयुक्त सचिव) ने अपने जनसंपर्क कार्यालय से जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि, “सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं। यह फैसला भारत के संविधान में निहित न्याय की उस अडिग व्यवस्था का प्रमाण है, जहाँ सत्य की ही अंतिम विजय होती है”।
​’गविष्ठि यात्रा’ और धर्म का शंखनाद
​एक ओर जहाँ दिल्ली में न्याय की जीत हुई, वहीं महोबा (उत्तर प्रदेश) में महाराजश्री की 81 दिवसीय ‘गविष्ठि (गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध)’ यात्रा प्रचंड वेग से जारी है। यात्रा के दौरान महाराजश्री ने चरखारी में गौ-रक्षा का मंत्र देते हुए कहा कि, “असली हिंदू गाय को दूध देने वाली मशीन नहीं, साक्षात् भगवती मानता है”।
​विज्ञप्ति के विशेष बिंदु:
​गौधाम हेतु महादान: चरखारी के निवासी ब्रह्मचारी शंभु प्रेमानन्द जी ने गौधाम निर्माण के लिए अपनी 2 एकड़ पैतृक भूमि दान की है।
​महत्वपूर्ण नियुक्तियां: महाराजश्री ने श्री अजय उपाध्याय को संयोजक और श्री जुगल भारती जी को सह-संयोजक नियुक्त किया है।
​विस्तृत उत्सव: इस दोहरी खुशी (न्यायिक विजय और गौ-सेवा संकल्प) में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में पदाधिकारियों द्वारा मिष्ठान वितरण कर ‘विजयोत्सव’ मनाया जा रहा है।

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