बिलासपुर पुलिस का नशे के खिलाफ एक और एयर स्ट्राइक।
नशा माफिया पर बिलासपुर पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक: अंतरराज्यीय महिला तस्करी नेटवर्क का पूर्णतः सफाया
90 किलो मादक पदार्थ के साथ 8 महिला तस्कर गिरफ्तार; ₹46.75 लाख के अवैध कारोबार को खाकी ने किया नेस्तनाबूद
बिलासपुर: न्यायधानी की फिजा में जहर घोलने वाले नशा सौदागरों के विरुद्ध बिलासपुर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्यवाही की है। पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ‘नशा मुक्ति अभियान’ के तहत पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक संगठित महिला गिरोह को बेनकाब करते हुए उनके समूचे तंत्र को ध्वस्त कर दिया है।
ऑपरेशन की रूपरेखा और बड़ी बरामदगी
मुखबिर से प्राप्त सटीक सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की। इस साहसिक कार्यवाही में पुलिस ने 90 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ (गांजा) बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत ₹46.75 लाख आंकी गई है।
महिला नेटवर्क का इस्तेमाल कर दी जा रही थी चुनौती
अक्सर सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए तस्कर महिलाओं को ढाल के रूप में उपयोग करते हैं, किंतु बिलासपुर पुलिस की सूक्ष्म जांच और वैज्ञानिक पद्धति ने इस ‘महिला सिंडिकेट’ के छद्म आवरण को तार-तार कर दिया। गिरफ्तार की गई 8 महिला तस्करों के पास से न केवल मादक पदार्थ, बल्कि तस्करी में प्रयुक्त अन्य संसाधन भी जब्त किए गए हैं।
कठोर कानूनी प्रहार (NDPS एक्ट)
पकड़े गए सभी आरोपियों के विरुद्ध स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क के ‘फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज’ की जांच कर रही है, ताकि इस अवैध व्यापार की जड़ तक पहुँचा जा सके।
सामाजिक प्रतिबद्धता का संकल्प
बिलासपुर पुलिस का यह प्रहार केवल एक कार्यवाही नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी का प्रमाण है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले की सीमाओं के भीतर अवैध नशा कारोबार को किसी भी सूरत में फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा। इस बड़ी सफलता ने नशा माफियाओं की कमर तोड़ दी है।
