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​पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक संग शामिल हुए समुद्र शास्त्री; स्वस्ति वाचन के साथ हुआ विशिष्ट अतिथियों का भव्य स्वागत

खरसोला और धमनी में उमड़ा भक्ति का सैलाब: श्रीमद् भागवत कथा में गूँजे ‘राधे-राधे’ के जयकारे
​पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक संग शामिल हुए समुद्र शास्त्री; स्वस्ति वाचन के साथ हुआ विशिष्ट अतिथियों का भव्य स्वागत
​बिलासपुर/बिल्हा
​क्षेत्र के ग्राम खरसोला एवं ग्राम धमनी की पावन धरा इन दिनों श्रीमद् भागवत कथा के आध्यात्मिक रसों से सराबोर है। इस पुनीत अवसर पर प्रदेश के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माननीय श्री धरमलाल कौशिक जी के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में समुद्र शास्त्री सम्मिलित हुए। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़, अटूट आस्था और भक्तिमय वातावरण ने पूरे क्षेत्र को ‘गोकुल धाम’ में परिवर्तित कर दिया।
​स्वस्ति वाचन से गुंजायमान हुआ पांडाल
​कार्यक्रम की विशेषता तब और बढ़ गई जब समुद्र शास्त्री ने अपनी विशिष्ट शैली में स्वस्ति वाचन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्य अतिथि श्री धरमलाल कौशिक जी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का मंगल स्वागत किया। मंत्रों की पावन ध्वनि ने उपस्थित जनसमूह को सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति से भर दिया।
​विधायक श्री धरमलाल कौशिक का संबोधन
​इस अवसर पर विधायक श्री धरमलाल कौशिक जी ने व्यास पीठ का आशीर्वाद लिया और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का मार्ग है। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
​समुद्र शास्त्री ने व्यक्त किए भाव
​कथा श्रवण के पश्चात समुद्र शास्त्री ने अपनी अनुभूति साझा करते हुए कहा:
​”ईश्वर की कथा में वह शक्ति है जो मन के अंधकार को मिटाकर सकारात्मकता का प्रकाश फैलाती है। खरसोला और धमनी में श्रद्धालुओं का उत्साह यह दर्शाता है कि आज भी हमारी जड़ें सनातन धर्म और संस्कारों से मजबूती से जुड़ी हैं।”
​क्षेत्र की सुख-समृद्धि की प्रार्थना
​आयोजन के अंत में अतिथियों ने आरती में भाग लिया और प्रभु श्री कृष्ण से प्रार्थना की कि समस्त क्षेत्रवासियों के जीवन में सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का वास हो। श्रद्धालुओं ने भी जनप्रिय नेताओं के बीच पाकर हर्ष व्यक्त किया।
​मुख्य आकर्षण:
​वैदिक स्वागत: समुद्र शास्त्री द्वारा किया गया शास्त्रोक्त स्वस्ति वाचन।
​दिव्य उपस्थिति: विधायक श्री धरमलाल कौशिक जी का सहज और आत्मीय मिलन।
​भक्ति रस: व्यास पीठ से बरसती अमृतमयी कथा और महाप्रसाद वितरण।

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