नारी शक्ति वंदन अधिनियम: महिलाओं के अधिकार, सम्मान और नेतृत्व का नया युग” — रत्नावली कौशल

मुंगेली/रायपुर।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ शासन की पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल बताया है। उन्होंने प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि यह अधिनियम देश में लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय और महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

रत्नावली कौशल ने कहा कि यह कानून महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन के क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लाया गया है। साथ ही यह निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कर उन्हें राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेगा।

उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं, कौशल विकास कार्यक्रम, उद्यमिता को बढ़ावा, वित्तीय सहायता और आवासीय सुविधाओं को एकीकृत रूप से लागू किया जाएगा। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

रत्नावली कौशल ने विशेष रूप से कहा कि यह अधिनियम अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक तथा ग्रामीण-शहरी गरीब वर्ग की महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा। इसके माध्यम से आरक्षण, अनुदान, स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन और नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे समाज में समावेशी विकास को बल मिलेगा।

उन्होंने आगे बताया कि भाजपा महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रशिक्षण शिविर, वेबिनार और डिजिटल माध्यमों के जरिए महिलाओं को कानूनी अधिकारों, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया जाएगा।

अंत में रत्नावली कौशल ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों से अपील की कि इस अधिनियम को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को उनके अधिकार वास्तविक रूप में प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित किए बिना सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है।

उन्होंने इसे केवल एक कानून नहीं, बल्कि “नारी शक्ति के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता” बताते हुए कहा कि भाजपा महिला मोर्चा इसके सफल क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

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