मुंगेली: रवि गैस एजेंसी पर उमड़ी उपभोक्ताओं की भारी भीड़, बुकिंग के बाद भी 5 दिन का इंतजार
मुंगेली। जिले के एकमात्र प्रमुख केंद्र, रवि गैस एजेंसी में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत ने आम जनता के पसीने छुड़ा दिए हैं। गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी को लेकर अव्यवस्था का आलम यह है कि उपभोक्ता घंटों कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। प्रशासन के दावों के विपरीत, धरातल पर स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

कलेक्टर के दावे और जमीनी हकीकत में अंतर
कुछ दिनों पूर्व ही जिला कलेक्टर द्वारा जिले में गैस की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारू आपूर्ति का आश्वासन दिया गया था। परंतु, वर्तमान में रवि गैस एजेंसी की स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि:
बुकिंग के बाद लंबा इंतजार: सिलेंडर बुक कराने के बाद भी उपभोक्ताओं को 3 से 5 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
अघोषित किल्लत: एजेंसी के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो रही है, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।
वैश्विक युद्ध का असर: इजरायल-ईरान संघर्ष की मार
जानकारों और रिपोर्टों के अनुसार, इस किल्लत के पीछे का एक बड़ा कारण इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध को माना जा रहा है। विश्व पटल पर उभरे इस तनाव ने वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को बाधित कर दिया है। इसका सीधा असर भारत के अन्य राज्यों सहित छत्तीसगढ़ में भी देखा जा रहा है, जिससे गैस सिलेंडरों की आवक कम हो गई है।
परेशान जनता और व्यवस्था पर सवाल
मुंगेली की जनता अब सीधे तौर पर सवाल कर रही है कि यदि स्टॉक पर्याप्त था, तो युद्ध के कुछ ही दिनों के भीतर यह भारी अव्यवस्था क्यों पैदा हुई? गैस की कमी और समय पर डिलीवरी न मिलने से मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के घरों में चूल्हे जलना मुश्किल हो गया है।
”हमने चार दिन पहले बुकिंग की थी, लेकिन आज भी एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं। यहाँ भीड़ इतनी है कि कोई सुनने वाला नहीं है।” — एक पीड़ित उपभोक्ता
निष्कर्ष: मुंगेली में गैस की यह समस्या केवल एक एजेंसी की नहीं, बल्कि आपूर्ति और वितरण प्रणाली की विफलता की ओर इशारा कर रही है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस संकट से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
