मातृशक्ति, किसान और बेटियों के भविष्य को समर्पित है साय सरकार का संकल्प बजट : रत्नावली कौशल महिलाओं के लिए महतारी वंदन, बेटियों को ₹1.5 लाख और किसानों हेतु विशेष प्रावधानों की सराहना
मातृशक्ति, किसान और बेटियों के भविष्य को समर्पित है साय सरकार का संकल्प बजट : रत्नावली कौशल
महिलाओं के लिए महतारी वंदन, बेटियों को ₹1.5 लाख और किसानों हेतु विशेष प्रावधानों की सराहना

रायपुर। भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ शासन की पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत वर्ष 2026 के 1.72 लाख करोड़ रुपये के संकल्प बजट को सर्वसमावेशी और जनकल्याणकारी बताया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा विधानसभा में पेश किया गया यह बजट प्रदेश की मातृशक्ति, किसानों, युवाओं और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

रत्नावली कौशल ने महतारी वंदन योजना के लिए किए गए ₹8200 करोड़ के प्रावधान को महिलाओं की आर्थिक मजबूती की दिशा में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदेश की 70 लाख से अधिक विवाहित, विधवा, परित्यक्त एवं तलाकशुदा महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की सहायता मिल रही है, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता को बल मिल रहा है।

कृषि उन्नति योजना के तहत ₹10,000 करोड़ के प्रावधान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे 25 लाख से अधिक किसानों, विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों को लाभ मिलेगा तथा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से उनकी आय में वृद्धि होगी। कृषि पंपों के लिए ₹5500 करोड़ का प्रावधान खेती को और सुदृढ़ बनाएगा।
उन्होंने रानी दुर्गावती योजना को बेटियों के लिए सुरक्षा कवच बताते हुए कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर ₹1.5 लाख की सहायता से उनकी शिक्षा और विवाह में सहयोग मिलेगा तथा समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।
बस्तर एजुकेशन सिटी के लिए ₹100 करोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हेतु ₹2000 करोड़ तथा नालंदा लाइब्रेरी स्थापना के लिए ₹22 करोड़ के प्रावधान को उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दूरदर्शी पहल बताया।
रत्नावली कौशल ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष विभा अवस्थी के नेतृत्व में संगठन इन योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने प्रदेश की महिलाओं से अपील की कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर छत्तीसगढ़ को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
