बिलासपुर प्रशासन का ‘एक्शन मोड’: कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में दिए त्वरित निराकरण के निर्देश, जनसमस्याओं के समाधान पर रहा विशेष जोर।
बिलासपुर प्रशासन का ‘एक्शन मोड’: कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में दिए त्वरित निराकरण के निर्देश, जनसमस्याओं के समाधान पर रहा विशेष जोर।
बिलासपुर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में आज आयोजित समय-सीमा (TL) बैठक में जिला कलेक्टर ने पूरी संवेदनशीलता और सख्ती के साथ विभागीय कामकाज की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, पीएमओ पोर्टल, और जनदर्शन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनहित की शिकायतों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासनिक एजेंडे में प्रमुखता से ये विषय रहे शामिल
बैठक के दौरान कलेक्टर ने शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की:
शिक्षा और स्वास्थ्य: ‘स्कूल प्रवेश उत्सव’ की तैयारियों और ‘पल्स पोलियो अभियान’ को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कृषि और विकास: खरीफ सीजन के मद्देनजर खाद-बीज का सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के साथ ही ‘अरपा नदी पुनर्जीवन’ परियोजना की प्रगति पर चर्चा की गई।
सुशासन और राजस्व: ‘सुशासन तिहार’ के आयोजन और लंबित राजस्व प्रकरणों को समय-सीमा के भीतर निपटाने पर बल दिया गया।
जनसरोकार और सक्रियता: सामाजिक संस्थाओं की बढ़ती भागीदारी
बैठक के दौरान कलेक्टर का रुख बेहद सक्रिय रहा। उन्होंने न केवल विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए, बल्कि जनसमस्याओं को सुनने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दिखाई। जिला प्रशासन के इस ‘दमदार’ कामकाज को देखकर अब विभिन्न सामाजिक संस्थाओं का उत्साह बढ़ा है।
सूत्रों के अनुसार, ‘गुरुकुल गौशाला’ सहित जिले की कई प्रमुख सामाजिक संस्थाएं और प्रबुद्ध नागरिक जनहित के मुद्दों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। प्रशासन के सकारात्मक और पारदर्शी रवैये के चलते इन संस्थाओं को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होगा।
सुशासन और विकास के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता
जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुशासन का लाभ पहुँचाना और विकास कार्यों को धरातल पर उतारना है। जनदर्शन के माध्यम से आने वाली समस्याओं का त्वरित निराकरण ही प्रशासन की कार्यक्षमता का मापदंड है।
बिलासपुर जिले में विकास और जन-सुविधाओं के प्रति प्रशासन की यह सक्रियता न केवल विकास को गति दे रही है, बल्कि आम नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं में भी विश्वास का वातावरण निर्मित कर रही है।
