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सनातन संस्कृति के संरक्षण हेतु ‘माँ महाकाली दरबार’ एवं ‘भव्य महा-भंडारे’ का शंखनाद: आध्यात्मिक जागृति और जन-सेवा का महा-अभियान।

सनातन संस्कृति के संरक्षण हेतु ‘माँ महाकाली दरबार’ एवं ‘भव्य महा-भंडारे’ का शंखनाद: आध्यात्मिक जागृति और जन-सेवा का महा-अभियान।
बिलासपुर

​मल्हार (बिलासपुर):  – ग्राम जैतपुर, मल्हार स्थित ‘माँ महाकाली दरबार एवं अघोर पीठ’ में स्वामी जगदीश महाराज जी के पावन सानिध्य में आयोजित ‘भव्य महा-भंडारे’ एवं आध्यात्मिक समागम में सनातन संस्कृति की रक्षा और जन-चेतना के प्रसार हेतु एक ऐतिहासिक संकल्प लिया गया। इस कार्यक्रम ने मल्हार ही नहीं, बल्कि संपूर्ण अंचल में धर्म और सेवा का एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
​संस्कृति की शुचिता, महा-भंडारा और जन-कल्याण
​कार्यक्रम के मुख्य प्रणेता पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘अन्नदान’ (महा-भंडारा) और ‘आध्यात्मिक मार्गदर्शन’ (दिव्य दरबार) का अटूट संबंध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन परंपराओं को जीवित रखने के लिए जन-जन को एक साथ लाना आवश्यक है।
​पंडित शास्त्री जी ने कहा, “हमारा उद्देश्य ‘महा-भंडारे’ के माध्यम से समाज में समानता और भाईचारे का संदेश देना है और ‘माँ महाकाली के दिव्य दरबार’ के माध्यम से सनातन संस्कृति के प्रति नई पीढ़ी में गौरव का भाव जगाना है। ये केंद्र न केवल भक्तों की समस्याओं का समाधान करेंगे, बल्कि संस्कृति को नई दिशा देने का कार्य भी करेंगे।”
​राष्ट्रव्यापी सेवा और संस्कार केंद्र का विस्तार
​पंडित शास्त्री जी ने घोषणा की कि इस सेवा कार्य को राष्ट्रव्यापी बनाया जाएगा। मल्हार के उपरांत अब प्रयागराज में भी ‘माँ महाकाली दरबार’ और सेवा केंद्र की स्थापना की जा रही है। ये केंद्र हर स्तर पर सनातन धर्म को सुदृढ़ बनाने और समाज को संस्कारित करने के लिए समर्पित रहेंगे।
​संगठनात्मक संकल्प और युवा शक्ति
​इस आयोजन में जन-कल्याण पुनर्वास केंद्र मीडिया हाउस, अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र निर्माण सेना, विश्व मानव प्रमाण ट्रस्ट, विश्व हिंदू महासभा सेना, विश्व हिंदू सेवा दल और संपूर्ण भारतीय चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
​पूज्य फक्कड़ बाबा ने जनसमूह को ‘जड़ बुद्धि से विवेक की ओर’ चलने का मार्ग दिखाया। सभी संगठनों ने अपने ’11 सूत्री कार्यक्रम’ के अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर इकाइयों के गठन का संकल्प लिया, ताकि हर गाँव में सनातन धर्म की अलख जगाई जा सके।
​मीडिया का उत्तरदायित्व
​पंडित श्रवण दुबे ‘समुद्र शास्त्री’ ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पत्रकारिता का धर्म है समाज को सही दिशा दिखाना। युवाओं को चाहिए कि वे अपनी ऊर्जा का उपयोग समाज निर्माण और सनातन संस्कृति के प्रसार में करें।
​📢 विशेष सूचना: साप्ताहिक दिव्य दरबार एवं प्रसादी
​आयोजन समिति ने घोषणा की है कि ‘माँ महाकाली दरबार एवं अघोर पीठ’ (मल्हार) तथा प्रयागराज स्थित केंद्रों पर अब प्रत्येक मंगलवार एवं शनिबार को माँ महाकाली का दिव्य दरबार लगेगा, जहाँ महाप्रसादी का वितरण और आध्यात्मिक चर्चाएं निरंतर जारी रहेंगी।
​माँ महाकाली दरबार सेवा समिति, मल्हार ने इस सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी निवासियों एवं गणमान्य अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

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