पंडरिया में नाली निर्माण के दौरान मिला नरमुंड, हत्या की आशंका, फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजे जाएंगे अवशेष

कवर्धा (कबीरधाम)। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा) जिले के पंडरिया थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम किशुनगढ़ में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) योजना के तहत नाली निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान मिट्टी के भीतर से एक मानव कंकाल (नरमुंड) बरामद हुआ है। नाली की खुदाई कर रहे मजदूरों को जैसे ही झाड़ियों के बीच खोपड़ी और चप्पलें दिखाई दीं, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

खुदाई के दौरान फैला हड़कंप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम किशुनगढ़ में ग्रामीण विकास योजना के तहत कच्ची नाली के जीर्णोद्धार और मिट्टी की खुदाई का काम चल रहा था। तभी अचानक फावड़ा चलते ही मजदूरों को मिट्टी के नीचे कुछ अजीब वस्तु दिखाई दी। ध्यान से देखने पर पता चला कि वह एक इंसान की खोपड़ी (नरमुंड) थी। नरमुंड के ठीक पास ही एक सड़ा-गला पॉलिथीन का थैला, चप्पल और कुछ अन्य दैनिक उपयोग की सामग्रियां भी दबी हुई मिलीं।

कंकाल मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्राम सरपंच ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए इसकी जानकारी पंडरिया थाना पुलिस को दी।

पुलिस ने शुरू की तफ्तीश, फॉरेंसिक टीम को सौंपा जाएगा मामला

सूचना मिलते ही पंडरिया थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को सील कर दिया है और नाली से मिले मानव अवशेषों व अन्य सामानों को अपने कब्जे में ले लिया है।

शुरुआती तौर पर यह मामला किसी पुरानी हत्या या रहस्यमयी मौत का लग रहा है, जिसे छिपाने के उद्देश्य से शव को नाली के किनारे झाड़ियों में दबा दिया गया था। कंकाल कितना पुराना है और यह किसी महिला का है या पुरुष का, इसका पता लगाने के लिए पुलिस इन अवशेषों को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रायपुर भेजने की तैयारी कर रही है।

गुमशुदा इंसानों के रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

पंडरिया पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आस-पास के सभी थानों से संपर्क साधा है। पिछले कुछ महीनों या सालों में कवर्धा जिले और नजदीकी इलाकों से लापता (गुमशुदा) हुए लोगों की सूची निकाली जा रही है, ताकि मौके से मिली चप्पल और सामानों के जरिए इस कंकाल की शिनाख्त (पहचान) की जा सके। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर ग्रामीणों और मनरेगा मजदूरों से भी पूछताछ कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों और समय का खुलासा हो सकेगा।

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