बिलासपुर के पुलिस कप्तान रजनीश सिंह के नेतृत्व में जिले की कानून व्यवस्था ने बीते दो वर्षों में पूरी तस्वीर बदल दी।
बिलासपुर पुलिस कप्तान रजनीश सिंह का खौफ: अपराधियों की कमर टूटी, 2 साल में अपराध में हुई काफी गिरावट।

बिलासपुर के पुलिस कप्तान रजनीश सिंह के नेतृत्व में जिले की कानून व्यवस्था ने बीते दो वर्षों में पूरी तस्वीर बदल दी है। उनके कार्यभार संभालने के बाद से जिले में अपराध में काफी गिरावट दर्ज की गई है। कप्तान रजनीश सिंह का मानना है कि किसी भी जिले में शांति तभी कायम रहती है जब कानून व्यवस्था टाइट हो और जिम्मेदार अधिकारी अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाएं। इसी सोच के साथ उन्होंने पद संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि उनका उद्देश्य बिलासपुर को अपराध मुक्त, नशा मुक्त और महिलाओं के लिए भय मुक्त बनाना है। आज दो साल बाद जिले की स्थिति देखकर यह कहा जा सकता है कि उनका यह संकल्प जमीन पर उतरता दिख रहा है।
कप्तान रजनीश सिंह ने कहा कि अपराध वहीं बढ़ता है जहां अवैध कारोबार, माफियाओं और अपराधियों के मन में पुलिस का डर नहीं होता। बिलासपुर में जब से उन्होंने चार्ज लिया है, तब से जिले में अपराधियों के अंदर एक स्पष्ट भय बना है। कोई भी वारदात करने से पहले अपराधी को सौ बार सोचना पड़ रहा है। इसका असर यह हुआ कि साइबर क्राइम हो, मारपीट की घटनाएं हों या अन्य तरह के अपराध, सभी में लगभग 80% तक अंकुश लग चुका है। नशे के कारोबार पर भी पुलिस ने लगातार कार्रवाई की है, जिससे युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में जाने से रोका जा सका है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष अभियान चलाए गए और रात में गश्त व पेट्रोलिंग बढ़ाने से महिलाओं में भय का माहौल खत्म हुआ है।
पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह की कार्यशैली की सबसे बड़ी खासियत उनकी फील्ड में सक्रियता और टीम वर्क पर जोर है। उनका मानना है कि जब जिले के जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हैं तो शांति व्यवस्था स्वतः बनी रहती है। इसी फॉर्मूले पर काम करते हुए बिलासपुर पुलिस ने अवैध शराब, जुआ, सट्टा और गांजा तस्करी जैसे संगठित अपराधों पर लगातार शिकंजा कसा। थाना स्तर पर मॉनिटरिंग सिस्टम मजबूत किया गया और हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई। नतीजा यह हुआ कि आम जनता का पुलिस पर भरोसा बढ़ा और अपराधियों का मनोबल टूटा।
आज बिलासपुर को जिले की जनता “भय मुक्त” शहर के रूप में देख रही है। व्यापारियों, महिलाओं, छात्रों और आम नागरिकों का कहना है कि दो साल पहले की तुलना में अब शहर में देर रात तक भी आवाजाही करना सुरक्षित महसूस होता है। पुलिस कप्तान रजनीश सिंह का स्पष्ट कहना है कि यह सिर्फ आंकड़ों की जीत नहीं है, बल्कि जनता के भरोसे की जीत है। उनका लक्ष्य अब भी वही है – बिलासपुर को पूरी तरह अपराध मुक्त और नशा मुक्त बनाना ताकि यहां हर महिला, हर बच्चा और हर नागरिक बिना डर के जी सके।
डिस्क्लेमर: अपराध में 80% गिरावट का आंकड़ा बिलासपुर पुलिस द्वारा पिछले दो वर्षों के दर्ज प्रकरणों के तुलनात्मक विश्लेषण पर आधारित है। अंतिम पुष्टि एनसीआरबी और राज्य पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक आंकड़ों के बाद ही संभव है। पुलिस की निरंतर कार्रवाई और जनता के सहयोग से ही जिले में शांति व्यवस्था कायम रखी जा सकती है।
