समाज सेवी अजय शर्मा ने ३६ मॉल बिलासपुर में की अपील— ‘भक्त माता कर्मा’ फिल्म जरूर देखें, यह हमारी संस्कृति और मूल्यों का दर्पण है।
समाज सेवी अजय शर्मा ने ३६ मॉल बिलासपुर में की अपील— ‘भक्त माता कर्मा’ फिल्म जरूर देखें, यह हमारी संस्कृति और मूल्यों का दर्पण है
बिलासपुर, बिलासपुर के प्रसिद्ध ३६ मॉल (36 Mall) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान जाने-माने समाजसेवी अजय शर्मा ने आम जनता और परिवारों से एक बेहद खास अपील की है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि वे अपने परिवारों, बच्चों और समाज के हर वर्ग के साथ मिलकर नई रिलीज हुई आध्यात्मिक और प्रेरणादायक फिल्म ‘भक्त माता कर्मा’ को सिनेमाघरों में जाकर जरूर देखें।
पोस्टर विमोचन और प्रचार के इस अवसर पर अजय शर्मा ने फिल्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“ऐसी प्रेरणादायक फिल्म हमें अपनी समृद्ध संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ती है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि त्याग और भक्ति की वह पराकाष्ठा है जिसे हर पीढ़ी को देखना और समझना चाहिए।”
फिल्म के मुख्य आकर्षण और क्यों देखें यह फिल्म?
अजय शर्मा ने मीडिया और जनता से बात करते हुए इस फिल्म को सपरिवार देखने के लिए चार मुख्य कारण बताए:
मातृत्व और सेवा की अनूठी मिसाल: यह फिल्म भगवान कृष्ण को अपने हाथों से खिचड़ी खिलाने वाली परम भक्त माता कर्मा के जीवन, उनके त्याग, और निस्वार्थ सेवा की अद्भुत गाथा को जीवंत करती है।
आस्था और भक्ति से ओतप्रोत: फिल्म का हर दृश्य दर्शकों को भक्ति के एक पावन और भावुक सफर पर ले जाता है।
परिवार के साथ देखने योग्य प्रेरक फिल्म: आज के दौर में जहां पारिवारिक फिल्मों की कमी है, वहीं यह फिल्म पूरे परिवार के साथ बैठकर देखने के लिए एक बेहतरीन और प्रेरणादायक विकल्प है।
समाज को नई दिशा देने वाली कहानी: माता कर्मा का जीवन संदेश आज के समाज को नैतिक मूल्यों, समरसता और सही दिशा दिखाने में सक्षम है।
फिल्म की मुख्य टीम (Cast & Crew)
इस भव्य और आध्यात्मिक फिल्म के निर्माण में छत्तीसगढ़ और देश के बेहतरीन फिल्मकारों का योगदान रहा है:
निर्माता (Producer): अजय खांडेकर
सह निर्माता (Co-Producer): राजकुमार यादव
निर्देशक (Director): शशिकांत कौशिक
जनता से भावुक अपील
समाजसेवी अजय शर्मा ने बिलासपुर और आसपास के सभी नागरिकों से निवेदन किया है कि वे “आज ही अपने परिवार के साथ फिल्म देखने जाएं और इस पावन कथा का हिस्सा बनें।” उन्होंने विश्वास जताया कि यह फिल्म समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाएगी और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करेगी।
