नारी शक्ति वंदन अधिनियम से किसान परिवारों की महिलाओं को मिलेगी नई पहचान और नेतृत्व” — दक्ष वैद्य साहू

मुंगेली/रायपुर।

भाजपा किसान मोर्चा के सोशल मीडिया प्रदेश सहप्रभारी एवं हिन्द सेना युवा ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्ष वैद्य साहू ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को देश की महिलाओं, विशेषकर किसान परिवारों की महिलाओं के लिए परिवर्तनकारी पहल बताया है। उन्होंने प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि यह अधिनियम केंद्र सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है।

दक्ष वैद्य साहू ने कहा कि यह कानून केवल घोषणा नहीं, बल्कि महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने का ठोस प्रयास है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाने के बावजूद महिलाओं की भागीदारी निर्णय लेने की प्रक्रिया में सीमित रही है, जिसे यह अधिनियम संतुलित करने का कार्य करेगा।

उन्होंने जानकारी दी कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इससे पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और विशेषकर ग्रामीण व कृषि पृष्ठभूमि से आने वाली महिलाओं को नीति-निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।

दक्ष वैद्य साहू ने कहा कि अधिनियम का दायरा केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, स्वरोजगार, स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूह और डिजिटल साक्षरता जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण, अनुदान और आर्थिक सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

उन्होंने विशेष रूप से किसान परिवारों की महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें कृषि उद्यमिता, खाद्य प्रसंस्करण और बाजार से जोड़ने की योजनाएं इस अधिनियम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिससे उनकी आय बढ़ाने और आर्थिक स्थिति मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

दक्ष वैद्य साहू ने बताया कि भाजपा किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेशभर में “नारी शक्ति वंदन जागरूकता अभियान” चलाया जाएगा। इसके तहत गांव-गांव में चौपाल, नुक्कड़ सभाएं, प्रशिक्षण कार्यशालाएं और सोशल मीडिया अभियान के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

अंत में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार, प्रशासन तथा सामाजिक संगठनों से अपील की कि इस अधिनियम को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि इसका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं तक पहुंच सके।

दक्ष वैद्य साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अधिनियम भारतीय संस्कृति की उस भावना को साकार करता है, जिसमें नारी को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल देश में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा देगी और “विकसित भारत” के संकल्प को मजबूत करेगी।

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