बिलासपुर बोदरी तहसील के अंतर्गत जन कल्याण केंद्र, मीडिया हाउस के तत्वाधान में हुआ पत्रकार एवं समाज सेवीयों का हुआ समागम स्मृति चिन्ह देकर किया गया सम्मान
छत्तीसगढ़ बिलासपुर बोदरी तहसील के अंतर्गत जन कल्याण केंद्र, मीडिया हाउस के तत्वाधान में हुआ पत्रकार एवं समाज सेवीयों का हुआ समागम स्मृति चिन्ह देकर किया गया सम्मान
इस मौके पर सतनाम जागरूकता कलेंडर उपस्थित सभी सदस्यों को दिया गया

छत्तीसगढ़ समुद्र शास्त्री एवं मीडिया पदाधिकारी समारोह में संस्था की एडमिन विंग के द्वारा सम्मानित ,नव नियुक्त मीडिया हाउस जनकल्याण केंद्र में आम जनमानस के कल्याण हेतु शिव पुराण चर्चा के साथ द्वारा संचालित सामाजिक संस्थाओं द्वारा बैठक में सामूहिक विवाह आयोजन पर की विशेष चर्चा
क्राइम फ्री इंडिया मिशन, विश्व महालक्ष्मी महिला समूह समिति के संयुक्त कार्यक्रम द्वारा किया समाज में उत्कृष्ट कार्य एवं पत्रकारों का किया सम्मान

आर जे रमझाझर मीडिया छत्तीसगढ़ लोक प्रिय चैनल, हरि भूमि, अमर स्तंभ मीडिया प्रचार प्रसार के क्षेत्र में युवाओं को स्मृति चिन्ह देखकर क्या सम्मानित
सभी नव नियुक्त सदस्य पदाधिकारी के साथ अपराध मुक्त भारत मिशन का संकल्प भी लिया

मीडिया हाउस ,जनकल्याण केंद्र में आगमी सामूहिक विवाह आयोजन पर चर्चा एवं शिव पुराण चर्चा में भाग लेते हुए
मानव परमार्थ ट्रस्ट, क्राइम फ्री मिशन इंडिया के साथ अमर स्तंभ आर जे रमझाझर,हरिभूमि नई दुनिया के पत्रकार सम्मान कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेन्द्र डहरिया के साथ समुद्र शास्त्री भी शामिल हुए

समुद्र शास्त्री ने ट्रस्ट द्वारा पत्रकार सिक्योरिटी सेक्टर के साथ ग्रुप से जुड़कर 15 राज्यों में अनेकों काम करते हुए नया इतिहास बनाने के उपलक्ष में अपना समर्थन के साथ बधाई शुभकामनाएं दिया। समुद्र शास्त्री पंडित श्रवण दुबे वरिष्ठ पत्रकार व कई संस्थाओं के पदाधिकारी से हुई क्षेत्र के परेशानियों की चर्चा परिचर्चा के साथ बौद्धिक योग गोष्टी छत्तीसगढ़ राज्य के साथ भारत राज्य में सभी ग्राम पंचायत स्तर पर गुरुकुल कोचिंग सेंटर ,शिक्षा ,स्वास्थ्य प्रशिक्षण के द्वारा रोजगार प्लेसमेंट के ऊपर जोर दिया गया जिससे आम जनमानस प्रशिक्षण के आधार पर अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार स्वरोजगार को पा सके ।
मुख्य रूप से शामिल विश्व मानव परमार ट्रस्ट विश्व महालक्ष्मी स्वयं सहायता समूह समिति के मुख्य पदाधिकारी आर जे रमझाझर छत्तीसगढ़ संरक्षक पुखराज सिंह ने सभी को कैलेंडर देकर सबका सम्मान किया।
नवनियुक्त रंजना, मधु, नयन ,ममता के साथ महिला विंग कोऑर्डिनेटर ज्योति ने सभी को इस कार्य के लिए सारा व समाज सेवा के मंच पर एक विशिष्ट स्थान लेते हुए वृद्ध आश्रम गुरुकुल गौशाला के लिए शीघ्र संवैधानिक रूप से जिला अधिकारी द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा जिसमें संस्था अपने संवैधानिक रूप में जो कार्य सरकार द्वारा दिए गए हैं उसको करने के लिए प्रतिबद्ध वचनबद्ध के साथ शासन के सहयोग लेते हुए आप जनमानस को मजबूत करेगा ।
11 सूत्री कार्यक्रम जिसमें शिक्षा स्वास्थ्य स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण रोजगार स्वरूप जाकर लघु उद्योग गौशाला गुरुकुल सामाजिक कुरीतियों का मिटना सामूहिक विवाह बिना दहेज की वह मोबाइल फोबिया बच्चों को देखते हुए हर कॉलोनी मोहल्ला पंचायत स्तर तक गुरुकुल कोचिंग सेंटर का निर्माण करना के साथ पूरे भारत में सामाजिक रूप से मजबूती करते हुए सदस्यता कार्यकारिणी का कार्यक्रम चल रही है। मैथिली शरण गुप्ता ने बताया कि उनकी संस्था आम जनमानस में जूझ रहे गरीब तबके के लोगों को निराश्रितों को सहारा देते हुए उनका आर्थिक सामाजिक विकास किया जाता है 11 सूत्री कार्यक्रम के द्वारा विश्व मानव परमार ट्रस्ट का भी संविधान मिलता-जुलता होने के कारण दोनों संस्थाएं एक दूसरे को मजबूत करते ji हुए समाज में दबे कुछ ले लोगों के लिए एक बड़ा रास्ता प्रशस्त किया है। अंत में अंतरराष्ट्रीय संरक्षक विश्व मानव परमार ट्रस्ट श्री 1008 हिमानंद सरस्वती जी महाराज, राष्ट्रीय संरक्षक कैलाश राजपूत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश चंद्र सागर राष्ट्रीय अध्यक्ष विश्व हिंदू महासभा पंडित विकास दुबे वरिष्ठ अधिवक्ता हाई कोर्ट उत्तर प्रदेश ने इस पावन कार्य के लिए क्राइम फ्री भारत मिशन के नियुक्त विशेष धिकारी पंडित श्रवण दुबे समुद्र शास्त्री को साधु बाबा आशीर्वाद दिया।
समापन कार्यक्रम में समुद्र शास्त्री ने उपस्थित सभी लोग को शिव पुराण का सत्संग द्वारा उपस्थित लोगों को दिया शिव पुराण के रसपान।
किं श्रवणं शास्त्रैः पुराणैश्च भ्रमावहैः।
शिवपुराणकथाश्रवणं मुक्तिदायिनी॥३७॥
🕉️ अनुवाद
भ्रम बढ़ाने वाले शास्त्र–पुराण सुनकर क्या लाभ,
शिवपुराण की कथा सुनो, जो देती मुक्ति-प्रसाद।
एतच्छिवपुराणस्य कथा भवति यत्र हि।
तीर्थभूतं हि तद्गेहं वसन्तं पापनाशनम्॥३८॥
🕉️ अनुवाद
शिव पुराण के अनुसार, एक समय भगवान शिव और माता पार्वती एक सरोवर के तट पर ध्यान मग्न थे। उसी समय भगवान शिव के मुख पर एक मंद मुस्कान प्रकट हुई। उस दिव्य मुस्कान से पाँच मोती निकलकर सरोवर में जा गिरे। इन पाँच मोतियों से पाँच कन्याओं का जन्म हुआ, किंतु ये कन्याएँ मनुष्य रूप में नहीं बल्कि नाग रूप में उत्पन्न हुईं। पुत्रियों के साथ भगवान शिव का वात्सल्य
ध्यान में लीन होने के कारण माता पार्वती को इस घटना का ज्ञान नहीं था, उत्पन्न हुआ कि कहीं ये नाग कन्याएँ महादेव को हानि न पहुँचा दें। इसी आशंका के कारण माता पार्वती ने उन कन्याओं का अंत करने का विचार किया। तभी भगवान शिव ने उनकी मंशा को समझकर उन्हें रोक लिया और सम्पूर्ण सत्य से अवगत कराया। यह जानकर कि वे स्वयं उन कन्याओं की माता हैं, माता पार्वती का भ्रम दूर हो गया।
शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव की इन पाँच नाग कन्याओं के नाम हैं:
जया, विषहर, शामिलबारी, देव और दोतली।
भगवान शिव ने अपनी इन पुत्रियों को एक विशेष वरदान भी प्रदान किया।
इस वरदान के अनुसार, जो भी भक्त भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ इन नाग कन्याओं की भी श्रद्धा से पूजा करेगा—
उसके परिवार को सर्पदंश का भय नहीं रहेगा।
अंत में कार्यक्रम समापन कार्यक्रम में समुद्र शास्त्री वरिष्ठ पत्रकार अमर स्तंभ ने सभी को शुभकामनाएं बधाई दी।
